तेजपत्र को संस्कृत में त्वक ,उत्कट ,हिंदी में दाल चीनी ,तज ,बंगाली में दारुचिनी ,मराठी -गुजराती में तज तमिल में कारुयाअरबी में दारसीनी  ,किरफा फ़ारसी में दारचीनी अंग्रेजी में सिनेमन .
इसके पत्ते अभिमुख ,चर्मवत ,क्षूक्ष्मरोमश होते हैं उनका ऊपरी भाग चमकीला होता हैं .यह तीन प्रकार का होता हैं --- 1चीनी  २सिंहलि ३ भारतीय 
इसमें एक उड़नशील तेल होता हैं २%, सिनेमिक एसिड ,राल,टेनिन ,,पत्तियों से निकाला गया तेल गहरे रंग और लवंग के समान गंध वाला होता हैं .
अगर आप तेजपत्ते का इस्तेमाल अब तक केवल मसाले के तौर पर करते आए हैं, तो आपको तेजपत्ते के यह 5 अनोखे इस्तेमाल जरूर जानने चाहिए। तेजपत्ते के यह इस्तेमाल आपकी खूबसूरती में चार चांद लगा देंगे -
1. चेहरे पर दाग, धब्बे या मुहांसे होने पर तेजपत्ता काफी लाभदायक होता है। तेजपत्ते का लेप या फिर तेजपत्ता डालकर उबाले गए पानी से चेहरा धोना, चेहरे को साफ और बेदाग बनाए रखने में मदद करता है।
2. तेजपत्ते का पानी सूर्य की किरणों से प्रभावित त्वचा को भी ठीक करने में मदद करता है, और त्वचा की रंगत को समान बनाए रखने में मदद करता है।
3. बालों को नर्म, मुलायम और चमकदार बनाए रखने के लिए तेजपत्ते का उपयोग बेहद असरकारक होता है। आप चाहें तो इसे तेल में डालकर उस तेल को बालों की जड़ों में लगा सकते हैं, या फिर इसके पानी से बालों को धो सकते हैं।
4. तेजपत्ते का लेप बनाकर बालों में लगाने से रूसी की समस्या से निजात मिल सकती है। इसे लेप को दही में मिलाकर भी लगाया जा सकता है, ताकि सिर की त्वचा में नमी बनी रहे और पोषण भी मिले।
5. तेजपत्ते को सुखाकर उसके पाउडर को मंजन की तरह इस्तेमाल करना, दांतों की सफेदी और चमक बरकरार रखने में कारगर है। आप चाहें तो इसे सप्ताह में एक दिन आजमा सकते हैं।
यह श्वाश खास में उपयोगी होता हैं ,
सितोपलादि चूर्ण में इसका उपयोग होता हैं!