नोएडा 4 रुपये प्रति लीटर सस्ता दूध। बिल्कुल, डिब्बा लेकर निकलेंगे तो 4 रुपये सस्ता दूध मिलेगा। यह कोई बड़ी रकम नहीं है, लेकिन इसके पीछे एक बड़ी मुहिम छुपी है। मुहिम पर्यावरण बचाने की है। अपने बच्चों के भविष्य के लिए एक स्वच्छ वातावरण बनाने की है। पीएम मोदी के सिंगल यूज प्लास्टिक बंद करने के आह्वान से प्रेरित होकर मदर डेरी ने यह मुहिम शुरू की है।

पैक्ड दूध की जगह अब टोकन वाला दूध खरीदेंगे तो कंपनी 4 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी देगी। कंपनी के प्रतिनिधि नोएडा के साथ ही एनसीआर के 4000 घरों में जाएंगे। 2 अक्टूबर तक 1000 किलो प्लास्टिक वेस्ट जुटाएंगे। फिर इसी से रावण तैयार किया जाएगा, जिसे सुरक्षित तरीके से रिसाइकल करेंगे। नोएडा समेत पूरे एनसीआर के हर घर में पैक्ड दूध के जरिए हर घर में प्रति वर्ष 2.30 किलो प्लास्टिक पहुंचता है।

900 मीट्रिक टन कम हो सकता है प्लास्टिक
सेक्टर-1 स्थित मदर डेरी के हेड ऑफिस में सीनियर बिजनस हेड विनोद कुमार चोपड़ा ने बताया कि अभी कंपनी एनसीआर में 6 लाख लीटर टोकन से दूध की बिक्री करती है। इसे 10 लाख लीटर तक ले जाने का लक्ष्य है। इस दूध की पहुंच हर घर तक हो, इसलिए किराये पर स्टोर और फ्रेंचाइजी से दुकानें खोली जाएंगी। बल्क वेंडेड मिल्क (बीवीएम) पर भी काम कर रहे हैं। इंसुलेटेड कंटेनर (एक तरह का फ्रिज) भी दुकानों पर लगाने की तैयारी है। विनोद ने बताया कि प्लास्टिक पैकेजिंग से रहित प्रत्येक लीटर दूध की खरीद पर उपभोक्ता 4.2 ग्राम कम प्लास्टिक का यूज करेगा। इससे सालान 900 मीट्रिक टन प्लास्टिक का उत्पादन कम होगा।

2 अक्टूबर तक जुटाएंगे 1000 किलो वेस्ट
कंपनी की तरफ से कल तक पूरे एनसीआर में प्लास्टिक वेस्ट जमा करने की मुहिम चलाई जाएगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद, गाजियाबाद आदि शहरों के 4000 घरों तक कंपनी के लोग पहुंचेंगे। यहां से 1000 किलो प्लास्टिक वेस्ट जमा करने का लक्ष्य है। मदर डेरी के बूथ पर भी एक डस्टबिन रखी जाएगी, जहां प्लास्टिक वेस्ट डाल सकते हैं। जो भी प्लास्टिक 2 अक्टूबर तक जमा होगा, उससे रावण का पुतला बनाया जाएगा। इस पुतले को सही तरीके से रिसाइकल किया जाएगा।

25 राज्यों में प्लास्टिक जमा करने की मुहिम
मदर डेरी की तरफ से 25 राज्यों में प्लास्टिक के संग्रहण और रिसाइकल की शुरुआत की गई है। अगले साल मार्च तक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से प्रमाणित संस्था की मदद से 832 टन प्लास्टिक को जमा किया जाएगा। इसके बाद इसे रिसाइकल भी कराएंगे। एनसीआर में मदर डेयरी के 795 बूथों और 1,700 वेंडिंग इकाइयां हैं।