सीकर. जिला मुख्यालय पर कांस्टेबल लक्ष्मीकांत सुसाइड केस (Suicide case) में महिला थानाधिकारी पूजा पूनिया (SHO) समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज (Case filed) किया गया है. इसके बावजूद अभी तक इस मसले पर पुलिस और परिजनों के बीच गतिरोध बरकरार (Deadlock persists) है. परिजनों ने घटना के 24 घंटे बाद भी मृतक कांस्टेबल का शव (Dead body) नहीं लिया है. वे दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी (Arrest) की मांग को लेकर अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना देकर बैठे हैं.

गतिरोध बरकरार, नहीं लिया शव

पूरे मामले में रविवार को दिनभर चले घटनाक्रम के बाद मृतक के परिजनों के मांग पर देर रात चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया गया. मृतक के भाई पंकज की रिपोर्ट पर महिला थानाप्रभारी पूजा पूनिया, हेड कांस्टेबल झाबरमल, कांस्टेबल शिवदयाल और चालक मुकेश के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. परिजनों की मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए तभी वे शव को लेंगे. वे अपनी इस मांग को लेकर सीकर में कल्याण अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना देकर बैठे हैं.

कांस्टेबल लक्ष्मीकांत ने रविवार को की थी आत्महत्या

उल्लेखनीय है कि कांस्टेबल लक्ष्मीकांत सीकर जिला मुख्यालय पर महिला थाने में तैनात था. वह सीकर में राधाकिशनपुरा इलाके में मकान लेकर रह रहा था. रविवार को सुबह कांस्टेबल लक्ष्मीकांत ने घर पर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी. घटना के बाद एक सुसाइड नोट सोशल मीडिया में वायरल हुआ था. मृतक के परिजनों और समाज के लोगों को दावा है यह सुसाइड नोट कांस्टेबल लक्ष्मीकांत ने ही लिखा है.

जातिसूचक शब्द कहकर प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया था

सुसाइड नोट में लक्ष्मीकांत ने थाना स्टाफ पर जातिसूचक शब्द कहकर प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया गया है. बाद में मृतक के परिजनों ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर कल्याण अस्पताल में मोर्चरी के बाद प्रदर्शन भी किया था. अभी भी वे वहां धरने पर बैठे हैं. वहीं पुलिस ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है. वह कुछ भी बोलने से बच रही है.