विधानसभा चुनाव में भाजपा को कड़ी टक्कर देने के लिए कांग्रेस ने भी कुनबा बढ़ाना शुरू कर दिया है। आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले कांग्रेस ने इनेलो में सेंध लगाई है। रविवार को नई दिल्ली में कांग्रेस ने इनेलो के चार नेताओं को पार्टी में शामिल कराया।
इसके अलावा निर्दलीय विधायक जयप्रकाश जेपी भी कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। टिकट वितरण से पहले कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं की लाइन लंबी बताई जा रही है। पूर्व संसदीय सचिव रामपाल माजरा के भी कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाएं हैं।

रविवार को इनेलो के 15 साल अध्यक्ष रहे, पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, पूर्व मंत्री व थानेसर के पूर्व विधायक, पूर्व स्पीकर अशोक अरोड़ा, पूर्व निकाय मंत्री सुभाष गोयल, कालका से दो बार विधायक रहे प्रदीप चौधरी, पूर्व मंत्री जसविंद्र सिंह संधू के बेटे गगनजीत संधू ने कांग्रेस ज्वाइन की।

 
इसके अलावा तीन बार सांसद रहे व आजाद विधायक जयप्रकाश ने भी कांग्रेस में आस्था जताई है। इनेलो छोड़ने के बाद जेपी कांग्रेस में ही थे, लेकिन कांग्रेस विधायक रणदीप सुरजेवाला से मतभेदों के चलते उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी। हालांकि, जींद उपचुनाव से पहले सुरजेवाला और जयप्रकाश के रिश्ते मधुर हो गए थे।

हरियाणा कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने कहा कि छोटी-छोटी पार्टियां हरियाणा में भाजपा का मुकाबला नहीं कर सकती। इन नेताओं ने माना है कि भाजपा का मुकाबला कांग्रेस ही कर सकती है। इनके कांग्रेस में आने से पार्टी को भाजपा को हराने में मदद मिलेगी। कांग्रेस सौ साल से ज्यादा पुरानी पार्टी है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि इन नेताओं के आने से कांग्रेस को मजबूती मिली है।

यह दर्शाता है कि कांग्रेस में लोगों की आस्था बरकरार है। भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जो भी नेता इनेलो से कांग्रेस में आए हैं, इनके पार्टी के बड़े नेताओं से मेरे मतभेद बेशक रहे, लेकिन अरोड़ा, गोयल, प्रदीप से उनके संबंध अच्छे रहे। भाजपा को हराने में मदद मिलेगी। इन्हें पार्टी में उचित मान-सम्मान दिया जाएगा।