नई दिल्ली असम में नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस को लेकर भले ही विवाद चल रहा है, लेकिन हरियाणा में सत्ताधारी दल और विपक्ष के नेता इस पर एकराय नजर आ रहे हैं। रविवार को सुबह सूबे के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने हरियाणा में एनआरसी लागू करने की बात कही तो शाम को कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा ने भी इसका अप्रत्यक्ष तौर पर समर्थन किया। हुड्डा ने मनोहर लाल खट्टर के बयान को लेकर कहा, 'मुख्यमंत्री ने जो कहा है, वह कानून है। विदेशी लोगों को जाना होगा और उनकी पहचान करना सरकार की जिम्मेदारी है।'

भूपिंदर सिंह हुड्डा का यह बयान कांग्रेस के आधिकारिक स्टैंड से एक तरह से विपरीत है। असम में एनआरसी को लेकर भी कांग्रेस विरोध में रही है। ऐसे में हुड्डा का यह बयान थोड़ा हैरान करने वाला है। बता दें कि भूपिंदर सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंदर हुड्डा ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने का विरोध किया था। उस वक्त भी पार्टी ने आर्टिकल 370 हटाने का विरोध किया था, लेकिन पार्टी की राय के विपरीत वह केंद्र के फैसले के समर्थन में आ गए थे।


रविवार को सुबह हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की थी कि असम की तरह उनके राज्‍य में भी एनआरसी लागू किया जाएगा। इसके अलावा हरियाणा में कानून आयोग के गठन करने पर भी विचार किया जा रहा है। गौरतलब है कि अभी कुछ दिनों पहले तक भूपिंदर हुड्डा के कांग्रेस आलाकमान से मतभेद की खबरें थीं। हाल ही में हुड्डा ने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी, जिसके बाद सूबे में प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर को हटा दिया गया था और दलित नेता कुमारी शैलजा को जिम्मेदारी दी गई है, जिन्हें हुड्डा का करीबी माना जाता है।