इन्दौर । इन्दौर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में जिला प्रशासन द्वारा नवाचार का सिलसिला जारी है। इस तारतम्य में जिला प्रशासन द्वारा तैयार मस्ती की पाठशाला नवाचार का शुभारंभ मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कल अपने इन्दौर प्रवास के दौरान किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी, स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री जयवर्धनसिंह, लोक निर्माण मंत्री सज्जनसिंह वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव और अन्य अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव के निर्देशन में इन्दौर जिले में शिक्षा और अन्य बुनियादी विकास के क्षेत्र में लगातार नवाचार किये जा रहे हैं। मस्ती की पाठशाला भी इसी का एक हिस्सा है।
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कल अपने इन्दौर प्रवास के दौरान मस्ती की पाठशाला के तहत संचालित की जाने वाली बस का लोकार्पण किया। उन्होंने योजना की सफलता के लिये शुभकामनायें दीं। कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव ने बताया कि मस्ती की पाठशाला के अंतर्गत अब बच्चे स्कूल नहीं, स्कूल बच्चों तक पहुंचेगा।
मस्ती की पाठशाला में संचालित की जाने वाली बस चार्टड बस के संचालक रोशन अग्रवाल द्वारा भेंट की गयी है। इस बस का संचालन,संधारण चार्टड बस कम्पनी द्वारा ही किया जायेगा। आरटीओ जितेन्द्रसिंह रघुवंशी ने बताया कि मस्ती की पाठशाला बस में शैक्षणिक संबंधी सभी जरूरी संसाधन, खेल सामग्री आदि रहेंगे। जहाँ पर यह बस बच्चों को पढ़ाने के लिये जायेगी, वहाँ पर चारों सुरक्षा की दृष्टि से बेरिकेटिंग भी रहेगी।
जाटव ने बताया कि नवाचार के तहत मस्ती की पाठशाला की कार्ययोजना बनायी गयी है। इसके तहत ऐसे बच्चे जोकि स्कूल नहीं जा रहे हैं, उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जायेगा। सामान्य योग्यता तक लाने के पश्चात उन्हें स्कूल में दाखिला दिलाया जायेगा। नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2019 अनुसार 06 वर्ष से 14 वर्ष आयु समूह के प्रत्येक बच्चे को नि:शुल्क प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने को सुनिश्चित करने के लिये उचित व्यवस्था करना शासन की जिम्मेदारी है। विशेषकर विषम सामाजिक-आर्थिक स्थिति के कारण शाला नहीं पहुंच पा रहे बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना चुनौती है। इसलिये शाला से बाहर (आऊट ऑफ स्कूल) बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने हेतु ''मस्ती की पाठशाला'' अर्थात ''स्कूल ऑन व्हील्स'' योजनान्तर्गत चयनित क्षेत्रों/घनी बस्ती आदि में बस/वाहन में मोबाईल विद्यालय का निर्माण कर बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। वाहन में विद्यालय की आधारभूत संरचना यथा कुर्सी,टेबल, मार्कर बोर्ड, प्रोजेक्टर, टी.वी. आदि उपलब्ध रहेंगे । इसके माध्यम से बच्चों एवं उनके पालकों के समयानुकूल और सुविधाजनक उपलब्ध समय के अनुसार अध्ययन-अध्यापन कराया जाएगा। कम्प्यूटर के माध्यम से खेल-खेल में बच्चों को पढाये जाने का प्रावधान भी किया गया है।
सी.एस.आर. अंतर्गत ''मस्ती की पाठशाला के लिये दो वाहन उपलब्ध रहेंगे, जिसमें पी.ओ.एल. एवं अटेंडेंट की व्यवस्था भी की जायेगी। शाला से बाहर (आऊट ऑफ स्कूल) बच्चों की जानकारी विकासखंड स्त्रोत समन्वयक द्वारा जनशिक्षकों के माध्यम से कराई जायेगी। शहरी क्षेत्र में किला मैदान के समीप अस्थाई रूप से डेरे में रहने वाले लुहार (गड़रिया) समुदाय के निवासरत बच्चों जो कि विद्यालय में प्रवेशित नहीं हैं, उक्त स्थल से योजना का प्रारंभ किया जायेगा।
मस्ती की पाठशाला का समय शाम साढ़े चार बजे से साढ़े छह बजे तक रखा जाना प्रस्तावित है। शैक्षणिक कार्य हेतु शिक्षकों की व्यवस्था सर्व शिक्षा अभियान के तहत स्वीकृत आर.एस.टी. के माध्यम से की जाएगी। टेलीविजन पाठ्य-सामग्री हेतु राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल द्वारा प्रदाय सी.डी. एवं पाठ्यक्रम जिला परियोजना समन्वयक, इन्दौर द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। उक्त योजना में स्वयंसेवी संस्थाओं को सम्मिलित कर को-क्यूरिकलर एक्टीविटी के लिये सहयोग लिया जाएगा। ब्रिज कोर्स के माध्यम से उनके अनुसार पढ़ाकर बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ा जायेगा।
उक्त योजना की नियमित रूप से सतत मॉनिटरिंग जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, सहायक परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक, संकुल प्राचार्य, जनशिक्षक एवं क्षेत्रान्तर्गत प्रधान अध्यापक/प्रभारी करेंगे।