भोपाल । मिसाइल मैन के रुप में मशहूर देश के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के बारे में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में गलत जानकारी पढाई जा रही है। कलाम के निधन की जानकारी सरकारी स्कूल के 12वीं कक्षा में गलत पढाई जा रही है। 12वीं हिन्दी सामान्य पुस्तक मकरंद पाठ में पूर्व राष्ट्रपति का निधन 1915 में होना बताया गया है, जबकि उनका निधन 27 जुलाई 2015 को हुआ था। पुस्तक में यह गलती सामने के आने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। हालांकि राज्य शिक्षा केन्द्र ने इसमें अपनी गलती मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों व प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि मिसाइलमैन के नाम मशहूर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के निधन के बारे में विद्यार्थियों को सही और सटीक जानकारी देकर बताया जाए कि उनका निधन वर्ष 2015 में हुआ था। 
     राज्य शिक्षा केन्द्र संचालक ने जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक से कहा कि सिर्फ निधन के तिथि में त्रुटि हुई इसलिए पुस्तक पर सुधार नहीं हो सकता है और न ही नई पुस्तकें प्रकाशित कराई जा सकती है। इसलिए शिक्षक-प्राचार्य का दायित्व है कि वह विद्यार्थियों तक सही जानकारी पहुंचाएं।उधर इस मामले में राज्य शिक्षा केन्द्र संचालक आईरीन सिंथिया जेपी ने जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक को एक पत्र भेजा है जिसमें बताया कि 12वीं सामान्य हिन्दी पुस्तक के पृष्ठ क्रमांक 49 पाठ मेरे सपनों के भारत में पूर्व राष्ट्रपति के जीवन परिचय में उनके निधन की तिथि गलत प्रकाशित हो गई है। आईरीन सिंथिया जेपी ने डीईओ (जिला शिक्षा अधिकारी), डीपीसी (जिला परियोजना समन्वयक) से दो टूक कहा कि प्राचार्य और शिक्षक 12वीं कक्षाओं में जाकर पूर्व राष्ट्रपति के निधन की सही तिथि की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाएं।