हिंदी दिवस के मौके पर शनिवार को जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने एक लेख में  हिंदी को बंटवारे की भाषा बताते हुए उन्होंने लिखा कि हिंदी आम आदमी की भाषा नहीं है, अंग्रेजों ने इसे लोगों को बांटने के लिए बनाया था। इस लेख को काटजू ने न केवल ट्विटर पर शेयर किया बल्कि कुमार विश्वास और पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी समेत कई लोगों को टैग भी किया। 

जस्टिस काटजू के इस बयान पर उन्हें आड़े हाथों लेते हुए कवि कुमार विश्वास ने शुद्ध हिंदी में ट्वीट किया, 'हे चिर मुख अतिसार व्याधि पीड़ित ! अपनी अज्ञानोत्पादित अंखड अहमन्यताओं के इस अविरल मलप्रवाह में मेरे ट्विटर को अकारण टैग करने की इस नव्य निकृष्टता हेतु मैं श्राद्ध के प्रथम दिन आपके इस जन्म में असफल पदार्पण का विधानपूर्वक तर्पण करता हूं, स्वीकार करें।'