राजकोट में बारिश की वजह से महानगर पालिका की पोल खुल गई है. राजकोट को स्मार्ट सिटी बताने वाला राजकोट प्रशासन अब स्मार्ट सिटी का नाम तक नहीं लेता है.
    राजकोट शहर में ग्रीनलैंड चौकड़ी पर गड्ढे बने आफतलोगों ने की कई बार शिकायत, पर नहीं हुई कार्रवाई

आप राजकोट आ रहे हैं तो ग्रीनलैंड चौकड़ी पर आपका बड़े-बड़े गड्ढों से स्वागत होगा. हालांकि ये गड्ढे स्थानीय लोगों के लिए आफत बन गए हैं. जर्जर सड़कों को लेकर लोगों ने कई बार शिकायत की पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इससे परेशान होकर यहां के स्थानीय लोगों ने अनोखे तरीके से विरोध किया.
लक्ष्मण भाई हर रोज यहां से गुजरते हैं. एक दिन अपनी गाड़ी से वो मार्केटिंग यार्ड से सब्जी लेकर जा रहे थे तभी गड्ढे में फंसकर उनकी गाड़ी खराब हो गई. इस दौरान उन्हें और उनके दोस्त को गंभीर चोटें भी आईं. इससे नाराज होकर लक्ष्मण भाई ने विरोध करने अनोखा तरीका निकाला.

लक्षम्ण भाई ने गड्ढे में लेटकर प्रदर्शन शुरू किया. इस दौरान उन्होंने अपने दोस्तों से खुद पर मिट्टी डालने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि अब गड्ढे में ही रहना है. जनता टैक्स देती है तो उनके हक की सुविधाएं उनको क्यों नहीं मिलती हैं. ट्रैफिक रुल्स के लिए भारी जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन प्रशासन को सड़कों पर गड्ढे नहीं दिखाई दे रहे हैं.  

दरअसल, राजकोट में बारिश की वजह से महानगर पालिका की पोल खुल गई है. राजकोट को स्मार्ट सिटी बताने वाला राजकोट प्रशासन अब स्मार्ट सिटी का नाम तक नहीं लेता हैं. राजकोट महानगर पालिका में ही मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र आता है.