महाराष्ट्र सरकार ने केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को चिट्ठी लिखी है. प्रदेश सरकार ने पत्र में कहा है कि लोग इतना जुर्माना नहीं भर सकते. जब तक हमें जवाब नहीं मिलेगा, तब तक हम इंतजार करेंगे और नया जुर्माना लागू नहीं करेंगे.
    महाराष्ट्र सरकार ने नए मोटर व्हीकल एक्ट पर लिखी नितिन गडकरी को चिट्ठीनए एक्ट में संशोधन करने की उठी मांग कहा- जनता के लिए जुर्माना भरना मुश्किल

अगले कुछ ही महीनों में कई राज्यों में विधानसभा चुनवा होने वाले हैं. ऐसे में इन चुनावी राज्यों को अब नए मोटर व्हीकल एक्ट का डर सताने लगा है. यही वजह है कि जिन राज्यों में चुनाव  है, वहां इस एक्ट में छूट देने की मांग उठ रही है. महाराष्ट्र में चुनाव से पहले सरकार ने केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को चिट्ठी लिखी है.

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री दिवाकर रावते ने कहा है कि पत्र में नए यातायात नियमों में भारी जुर्माना लगाए जाने पर पुनर्विचार करने के लिए कहा है. महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र से जुर्माना कम करने को कहा है. प्रदेश सरकार ने पत्र में कहा है कि लोग इतना जुर्माना नहीं भर सकते. जब तक हमें जवाब नहीं मिलेगा, तब तक हम इंतजार करेंगे और नया जुर्माना लागू नहीं करेंगे.

सरकार की ओर से लिखी गई चिट्ठी में इस बात का जिक्र किया गया है कि भारी-भरकम जुर्माना राज्य  के लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला है. केंद्र सरकार से इस चिट्ठी में अपील की गई है कि सरकार मोटर व्हीकल एक्ट में जरूरी बदलाव करे.

महाराष्ट्र सरकार की मांग है कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर लगाया जा रहा जुर्माना जनता की क्षमता से कहीं ज्यादा है. लोग ज्यादा जुर्माना नहीं अदा कर सकते. हमने सरकार से अपील की है, सरकार चालान की राशि में कटौती करे. अगर हमें जवाब मिल जाता है तो हम आगे की कार्रवाई पर ध्यान देंगे.

परिवहन मंत्री की चिट्ठी में जिक्र लिखा गया है, 'विस्तृत चर्चा के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि आम जनता के लिए बहुत ज्यादा जुर्माना है. अगर किसी ने पहले ही ज्यादा जुर्माना दे दिया है, वह कोर्ट से कुछ राशि वापस पाने का अधिकारी हो सके. जुर्माने की राशि कम करने पर विचार किया जाना चाहिए.'

दिवाकर रावते ने लिखा नए ट्रैफिक नियमों पर अलग-अलग जगहों पर चर्चा की जा रही है. एक चीज साफ है कि पुराने नियमों के मुताबिक जुर्माने की राशि कम थी, इसलिए लोग ट्रैफिक नियमों को तोड़ते थे. लेकिन नया ट्रैफिक जुर्माना लोगों पर बहुत ज्यादा भारी पड़ रहा है. लोग इस फैसले से खुश नहीं है. जुर्माने की राशि ज्यादा है.

हालांकि इस चिट्ठी पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. यह देखने वाली बात होगी कि केंद्र सरकार आने वाले दिनों में अपने फैसले पर पुनर्विचार करती है या नहीं.