भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने आदिवासियों के घर बच्चे के जन्म पर भोज कराने का फैसला किया है. इसके लिए बच्चों के जन्म पर उस आदिवासी परिवार (Adiwasi Family) को भोज के लिए भोजन सामग्री देने की व्यवस्था की जा रही है. इसके सरकार ये भोजन सामग्री 2 बच्चों के जन्म पर ही देगी. सरकार ने 89 विकासखंडों के लिए इस योजना की नियमावली जारी कर दी गई है. कांग्रेस सरकार इस योजना के माध्यम से परंपरागत वोट बैंक को वापस लाने की तैयारी कर रही है. इस योजना की व्यापक तौर पर ब्रांडिंग (Branding) भी की जाएगा. आदिवासी इलाकों के मंत्रियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है.

आदिवासी बच्चों के जन्म पर 50 किलो चावल

मध्य प्रदेश सरकार आदिवासियों के बच्चों के जन्म पर उत्सव मनाएगी. बच्चे के जन्म पर भोज का बंदोबस्त सरकार करेगी. मुख्यमंत्री मदद योजना के तहत 89 विकास खंडों में प्रावधान किए गए हैं.
>> बच्चे के जन्म पर भोज के लिए प्रदेश के 6 जिलों में चावल और 14 जिलों में गेहूं मुफ्त दिया जाएगा.

>> बच्चे के जन्म के समय 50 किलोग्राम चावल और मृत्यु के समय कार्यक्रम के लिए 100 किलोग्राम अनाज दिया जाएगा.
>> आदिवासियों को जन्म-मृत्यु के लिए राशन सरकारी राशन की दुकान से दिया जाएगा.

आदिवासी इलाकों के मंत्रियों को ज़िम्मेदारी

7 सितंबर को योजना की घोषणा के बाद भी अब योजना की बड़े स्तर पर ब्रांडिंग की तैयारी है. योजना की ब्रांडिंग की तैयारी आदिवासी इलाकों के मंत्रियों को सौंपी जाएगी. कार्यक्रमों में उस इलाके के मंत्री भी शामिल होंगे, ताकि आदिवासियों के बीच गहरी पैठ बना सकें.