आजकल के हाईटेक युग में बच्चे अधिकतर मोबाइल और टीवी पर व्यस्त रहते हैं। इससे वह आंखों के कमजोर होने के साथ ही मोटापे के शिकार हो रहे हैं जबकि पहले जमाने में ऐसा नहीं था क्योंकि बच्चे खेल के मैदान में समय बिताते थे।  इससे हमें खेलों का महत्व समझ में आता है। 
वास्तव में यदि आप चाहते हैं कि आपके बच्चे का विकास स्वस्थ तरीके से हो तो उसके लिए खेलना बहुत आवश्यक है। यह एक सच्चाई है कि आजकल के बच्चों में मोटापे की समस्या बहुत बढ़ रही है।
इस प्रकार की समस्याओं से निपटने के लिए आवश्यक है कि बच्चे को किसी खेल में लगाया जाए। एक पालक होने के नाते आपको यह जानना आवश्यक है कि बच्चों के जीवन में खेल के क्या फायदे हैं। यदि आप बच्चों को उनके बचपन में खेलने से रोक रहे हैं तो वास्तव में आप उनका बचपन उनसे छीन रहे हैं।
आजकल चीज़ें बदल गयी हैं और बहुत सी स्कूलों में तो खेलने का मैदान तक नहीं हैं। यह बहुत दुखद है परन्तु यदि आप अपनी आँखें खोल कर देखें तो यदि आप अपने बच्चे को स्कूल के बाद खेलने भेजते हैं तो आप अधिक अच्छे पालक बन सकते हैं।
मस्तिष्क का विकास 
एक ताज़ा सर्वेक्षण से पता चला है कि सक्रिय बच्चों में संज्ञानात्मक कौशल का विकास तीव्रता से होता है। निष्क्रिय बच्चों की तुलना में वे अच्छी तरह ध्यान केन्द्रित कर पाते हैं और अपने मस्तिष्क का उपयोग भी अधिक अच्छी तरह कर पाते हैं। यह आपके बच्चे को खेलों में भाग लेने के लिए एक बहुत अच्छा कारण है।
सामाजिक बनते हैं
सामाजिक कौशल बहुत महत्वपूर्ण है। यदि आपका बच्चा खेलों में भाग लेता है तो उनमें सामाजिक कौशल का बहुत अच्छा विकास होता है। खेलों के दौरान आपका बच्चा अन्य बच्चों से मिलता है और उनसे बातचीत करता है। यह उसके समाजिक कौशल के विकास में सहायक होता है।
टीम वर्क की भावना बनती है
जी हाँ, खेलों से हम टीम वर्क का कौशल सीखते हैं। आपका बच्चा सीखता है कि किस प्रकार टीम की विजय में योगदान दिया जा सकता है। यह एक मूल्यवान गुण है। यह उन्हें तब सहयता देता है जब वे बड़े हो जाते हैं और नौकरी करते हैं।
जब कोई शारीरिक गतिविधि होती है तो हमारे मस्तिष्क या हमारे सिर के अंदर जो अंग है उसका विकास होता है। एक सक्रिय और पूर्ण रूप से विकसित मस्तिष्क आपके बच्चे को जल्दी सीखने और बढ़ने में सहायक होता है। स्वस्थ मस्तिस्क कुशल तरीके से जानकारी संग्रहित और पुन:प्राप्त कर सकता है।
खेलों से शारीरिक विकास भी होता है
यह बताना आवश्यक नहीं है कि खेल या अन्य शारीरिक गतिविधियों से मांसपेशियों का विकास होता है। स्वस्थ हड्डियों और मांसपेशियों के अच्छे विकास के लिए आपको बच्चे को किसी खेल या व्यायाम के प्रति उत्साहित करना चाहिए।
हम सभी यह बात जानते हैं कि खेलों से मज़बूत और अच्छे शरीर का विकास होता है। बच्चे के शरीर की मांसपेशियों का गठबंधन सही तरीके से होना आवश्यक है तथा खेल आपके बच्चे के शरीर के सही विकास में सहायक होता है।
स्वस्थ हृदय 
खेलों से संबंधित गतिविधियाँ थोड़ी बहुत कार्डियो वर्क आउट (हृदय से संबंधित व्यायाम) के समान है। आपके बच्चे के फेफड़े अधिक क्षमता से कार्य करते हैं तथा इस प्रकार की गतिविधियों से रक्त परिसंचरण में भी सुधार आता है। 
जब आपका बच्चा खेलों में भाग लेता है तो आपके बच्चे की इम्यूनिटी बढ़ती है। इसके अलावा बच्चे को खुली हवा में छोड़ना अच्छा होता है ताकि उसे अपने आसपास के विश्व का ज्ञान हो सके। वास्तव में जब आपका बच्चा बाहर के विश्व में आता है तभी उसके शरीर में विशेष प्रकार के बैक्टीरिया के प्रति प्रतिरोध विकसित होता है।
बच्चा प्रतियोगी भावना सीखता है
आपका बच्चा प्रतियोगिता के विश्व में उतरे उससे पहले उसे यह सिखाना आवश्यक है कि प्रतियोगिता किस प्रकार की जाती है तथा खेल की गतिविधियों के माध्यम से उच्च स्थान पर कैसे पहुंचा जा सकता है।
खिलाड़ी भावना आती है
जीतना और हारना जीवन का हिस्सा है तथा आपका बच्चा इसे खेल की उन गतिविधियों के माध्यम से सीखता है जिसमें वह हिस्सा लेता है।