बेंगलुरु । कर्नाटक के कानून और संसदीय मामलों के मंत्री जेसी मधुस्वामी ने कहा कि विधानसभा में पॉर्न विडियो देखना राष्ट्रविरोधी गतिविधि नहीं है। यह बात मधुस्वामी ने राज्य के उप-मुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी का बचाव करते हुए कही, जिन्हें 2012 में विधानसभा के अंदर पॉर्न देखने के बाद हुए विवाद की वजह से मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। 
सावदी को उप-मुख्यमंत्री बनाए जाने के विवाद पर मधुस्वामी ने खुलकर उनका समर्थन किया। तुमकुरु में कानून मंत्री ने कहा यह (सावदी का कृत्य) एक गलती थी। इसका यह मतलब नहीं है कि उन्हें आगे मंत्री नहीं बनाया जा सकता। । उल्लेखनीय है कि इस बार कर्नाटक में रिकार्ड तीन उप-मुख्यमंत्री बनाए गए हैं। इन तीन में से एक सावदी भी हैं। 
सावदी को भाजपा सरकार में उप-मुख्यमंत्री पद देने को लेकर हाल ही में कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने हमला बोला था। उन्होंने सावदी के 2012 में विधानसभा में पॉर्न देखने के मुद्दे को उठाते हुए भाजपा को निशाने पर लिया था। सिद्धारमैया के बयान के बाद मधुस्वामी की प्रतिक्रिया आई है। सिद्धारमैया ने सावदी को डेप्युटी सीएम बनाए जाने पर पूछा कि क्या भाजपा को कोई शर्म है? सिद्धारमैया के इस सवाल का जवाब देते हुए मधुस्वामी ने कहा कि विडियो देखना नैतिक रूप से गलत था। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। लेकिन यह क्लिप उनके फोन पर गलती से चालू हो गई थी। जिसकी वजह से सावदी उसे देखने लगे। कानून मंत्री ने कहा कि हम सभी गलतियां करते हैं। इसके लिए सावदी की आलोचना करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने किसी को धोखा नहीं दिया है। वह किसी राष्ट्रविरोधी गतिविधि में शामिल नहीं थे। वह किसी दंडात्मक गतिविधि में लिप्त नहीं हैं, जिससे उन्हें सजा दी जाए। 
उन्होंने कहा मैं यह नहीं कह रहा हूं कि विडियो देखना सही था। उन्होंने कहा कि सावदी को उनके संगठनात्मक कौशल को ध्यान में रखते हुए उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। जिससे महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी को फायदा हुआ। मधुस्वामी ने कहा कि हमारे नेता अमित शाह हम सभी की तुलना में अधिक बुद्धिमान हैं। उन्हें पता है कि किस व्यक्ति को किस क्षेत्र में और कब उपयोग करना है। सावदी का संगठनात्मक कौशल हमारी तुलना में बहुत अधिक मजबूत है।