नई दिल्ली । भारत की कोरियाई बैडमिंटन कोच किम जि हुन ने विश्वकप चैंपियनशिप फाइनल में जापान की नोजोकी ओकुहारा की चुनौती को पस्त करने वाली स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु के प्रदर्शन को बेहतरीन करार दिया है। दक्षिण कोरिया की पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और कोच किम ने कहा कि सिंधु ने रणनीति का बेहतरीन ढंग से कार्यान्वयन किया और वह बार-बार एक ही शॉट दोहराने की अपनी आदत को रोकने में सफल रही। 
सिंधु ने टूर्नामेंट के इतिहास के एकतरफा मुकाबलों में से एक में 2017 चैंपियन ओकुहारा को 21-7, 21-7 से हराकर लगातार तीसरे प्रयास में विश्व चैंपियनशिप खिताब जीता तो किम वही बैठकर मैच देख रही थीं। किम इस साल मार्च में भारतीय कोचिंग दल से जुड़ी थीं। उन्होंने बैडमिंटन विश्व महासंघ से कहा उसने रणनीति का बेहतरीन कार्यान्वयन किया। वह जिस तरह से खेली, उसे देख कर मैं बहुत खुश हुई। उन्होंने कहा मेरा मतलब है कि उसने शानदार खेल खेला। उसके इस प्रदर्शन से हम सब बेहद खुश हैं और राहत महसूस कर रहे हैं। 
विश्व चैंपियनशिप और ओलिंपिक को ध्यान में रखते हुए किम को सिंधु के कौशल को सुधारने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बैडमिंटन कोरिया संघ ने जकार्ता एशियाई खेलों में राष्ट्रीय टीम की विफलता के बाद पिछले साल सितंबर में कोचों को बर्खास्त किया था, जिसमें किम भी शामिल थीं। उन्होंने कहा मुझे इस पद की पेशकश हुई थी और मैंने जुड़ने का फैसला किया। पांच महीने बाद हमें सिंधु के रूप में चैंपियन मिली। किम अपने कोचिंग कैरियर के 20वें वर्ष में हैं, उन्होंने कहा उन्होंने काफी व्यक्तिगत ट्रेनिंग की। हमने घंटों तक उनके नेट कौशल पर काम किया। हर कोई जानता है कि वह बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन वह पिछले कई मैचों में एक सी ही चीजें कर रही थीं।
उनके एक ही पैटर्न को रोकने के लिए मुझे बाकायदा रणनीति बनानी पड़ी। मैंने उसके खेल का वीडियो बनाया और उसकी रैली रोकी। उनसे पूछा कि वह कौन सा शॉट लगाएंगी। उसे एक जैसे शाट बार-बार खेलने से रोका। जापानी खिलाड़ी के विरुद्ध हमने जो रणनीति तैयार की थी, सिंद्धू ने उस पर बेहतरीन तरीके से अमल करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।