इन्दौर । खजराना गणेश मंदिर पर सुबह 11 दिवसीय गणेश महोत्सव का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं गणपति बप्पा के जयघोष के बीच मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर लोकेश जाटव एवं निगमायुक्त आशीष सिंह ने राज्य सरकार के चार केबिनेट मंत्रियों की मौजूदगी में मंदिर परिसर स्थित 42 देवालयों में ध्वजा पूजन, गणेशजी को स्वर्ण मुकुट तथा मोतियों का चोला समर्पित कर किया। भक्त मंडल की ओर से इस बार भी सवा लाख मोदक का भोग गणेशजी को समर्पित कर दिनभर भक्तों को प्रसाद के रूप में बांटा गया।
भक्त मंडल के संयोजक अरविंद बागड़ी ने बताया कि मंदिर के पुजारी पं. मोहन भटट एवं पं. अशोक भटट द्वारा मंत्रोच्चार के बीच पूजन विधि संपन्न हुई। मंदिर पर सुबह से ही बल्कि अनेक भक्त तो आधी रात के बाद से ही कतारों में लग गए थे। महांकाल की तर्ज पर दर्शन व्यवस्था होने के कारण एक साथ 200 भक्तों ने दर्शन किए और किसी को भी आधे घंटे से अधिक प्रतीक्षा नहीं करना पड़ी। कलेक्टर लोकेश जाटव एवं निगमायुक्त आशीष सिंह सपत्नीक पूजा में शामिल हुए और पूरे विधि-विधान से ध्वजा को मस्तक पर धारण कर सभी देवालयों तक पहंुचे। ध्वजा परिवर्तन की इस प्रक्रिया में राज्य के लोक निर्माण मंत्री सज्जनसिंह वर्मा, स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट, खेल मंत्री जीतू पटवारी एवं गृह मंत्री बाला बच्चन भी शामिल हुए। उन्होंने भी ध्वजा एवं पूजन सामग्री के थाल को मस्तक पर धारण कर भक्तों में मोदक प्रसाद भी बांटा। लगभग 2 घंटे तक चले इस अनुष्ठान में सैकड़ों भक्तों के साथ पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। भक्त मंडल की ओर से संयोजक अरविंद बागड़ी, कैलाश पंच, अमृतलाल तेजापुरिया सहित अनेक सदस्यों ने भक्तों के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था संभाले रखी। संध्या को भजन गायक पं. सुरेश शर्मा ने अपने भजनों से गणेश वंदना तो की ही, तीन हजार से अधिक भक्तों को थिरकाया भी। मंगलवार 3 सितंबर को सांय 8 बजे ऋषि म्यूजिकल ग्रुप की भजन संध्या होगी।
संयोजक अरविंद बागड़ी के अनुसार आज गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य में संपूर्ण मंदिर परिसर को विशेष रूप से रंगबिरंगे फूलों एवं विद्युत बल्बों से सजाया गया था। गर्भगृह में भी विशेष पुष्पसज्जा की गई थी। भक्तों की कतारें अलसुबह से लेकर देर रात तक लगी रही। पुलिस एवं मंदिर प्रबंधन द्वारा विशेष प्रबंध किए जाने से भक्तों को किसी तरह की असुविधा की शिकायत नहीं रही। महोत्सव में प्रतिदिन शाम को गणेशजी को विभिन्न किस्म के अनाज के लड्डुआंे का भोग भी लगाया जाएगा। मंगलवार को चने के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा।