मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बड़वानी (Barwani) जिले में मेधा पाटकर (Medha Patkar) को मनाने का दौर जारी है. गृहमंत्री बाला बच्चन (Bala Bachhan) के बाद मेधा पाटकर को मनाने के लिए अब प्रभारी मंत्री डाॅ. विजयलक्ष्मी साधौ (Dr. Vijayalakshmi Sadho) सत्याग्रह (Satyagrah) स्थल पहुंची. साधौ ने मोबाइल पर मुख्यमंत्री कमलनाथ (CM Kamal Nath) से मेधा की 7 मिनट बात करवाई, लेकिन दूसरी बार भी सीएम से चर्चा बेनतीजा रही. अनशन खत्म करने का निवेदन मेधा ने एक बार फिर नकार दिया है. सत्याग्रह स्थल से विजयालक्ष्मी साधौ को बेरंग ही लौटना पड़ा.

सरदार सरोवर का जल स्तर कम करे सरकार

मेधा ने 122 मीटर पर सरदार सरोवर (Sardar Sarovar) का जल स्तर (Water Level) स्थिर करने की मांग की है. मेधा पाटकर ने कहा कि नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) मंत्री सुरेन्द्र सिंह बघेल (Surendra Singh Baghel) के विदेश से लौटने से पहले गांव के कांग्रेस पदाधिकारी इस्तीफा (Resignation) देंगे. छोटा बड़दा में नर्मदा सत्यागृह का 9वां दिन है. मेधा पाटकर बीते 25 अगस्त से अनिश्चितकालीन अनशन (Indefinite fast) पर हैं. ऐसे में मेधा की तबीयत में लगातार गिरावट आ रही है.

नर्मदा नदी (Narmada River) के लगातार बढ़ रहे जल स्तर को लेकर डूब प्रभावितों की चिंता बढ़ती जा रही है. ग्राम छोटा बड़दा (Chhota Barda) में अनशन पर बैठे आंदोलनकारियों (Agitators) के मंच के पास नर्मदा का पानी पहुंच चुका है. इससे सरकार की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि मेधा पाटकर के समर्थन में यहां 8 गांव के प्रभावित भी पिछले 4 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं.

मांगों के पूरा होने पर खत्म करूंगी अनशन

इस दौरान जब मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ ने खुद को निमाड़ की बेटी और मेधा पाटकर की छोटी बहन की बात कहते हुए अनशन तोड़ने का निवेदन किया, तो उन्होंने साफ मना कर दिया. मेधा ने कहा कि सरकार पहले नर्मदा का जल स्तर कम करे और डूब प्रभावितों के पूर्ण पुनर्वास (Complete rehabilitation) की व्यवस्था करे तो ही अपना अनशन खत्म करेंगी.

इस दौरान मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ को मेधा पाटकर ने दो टूक जवाब में कहा कि पूर्व सरकार ने तो हमारी हत्या कर दी अब ये सरकार अंतिम संस्कार कर रही है. मेधा ने यह भी कहा कि सीएम कमलनाथ किसी न किसी कारण तो दबाव में हैं. मेधा ने जिले की प्रभारी मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ के सामने प्रिंसिपल सेक्रेटरी को सत्याग्रह स्थल पहुंचकर डूब प्रभावितों की समस्या का निराकरण करवाने की मांग रखी है.

प्रदेश सरकार कहती है, 'हम कुछ नहीं कर सकते'

मेधा ने उदारहरण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र के डूब प्रभावित क्षेत्र के कलेक्टर ने डूब प्रभावितों के नामों की लिस्ट लेकर गुजरात सरकार के अधिकारियों से बहस कर उन्हें हक दिलाने का प्रयास किया. वहीं मध्य प्रदेश सरकार कहती है कि हम कुछ नहीं कर सकते.

इधर, जिले की प्रभारी मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरदार सरोवर का जलस्तर कम करना गुजरात सरकार के हाथ में है. मध्य प्रदेश सरकार ने गुजरात सरकार से पुनर्वास होने तक जल स्तर कम करने की बात की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. अब एक बार फिर गुजरात सरकार को पत्र लिखकर जल स्तर कम कराए जाने को लेकर बात की जाएगी. उन्होंने कहा कि गुजरात सीएम रुपाणी को चाहिए कि पहले डूब प्रभावितों का पुनर्वास करें फिर बांध में पानी भरें, क्योंकि पुनर्वास स्थलों के लिए पैसा गुजरात सरकार को ही देना है.