आमतौर पर देखा जाये तो किसी भी मनुष्य के स्वभाव पर उसकी राशियों का बेहद प्रभाव पड़ता है। 
ज्योतिष में तीन राशियां अग्नि तत्व की राशियां मानी जाती हैं। ये राशियां हैं - मेष सिंह और धनु। इन राशियों के अंदर ऊर्जा और अग्नि काफी मात्रा में होती है। इन राशियों के लिए सूर्य सबसे महत्वपूर्ण होता है। ये राशियां साहस नेतृत्व और क्रोध की राशियां मानी जाती हैं।
अग्नि तत्व की पहली राशि - मेष।
इस राशि का स्वामी मंगल है।
सूर्य की सर्वाधिक प्रिय राशि है।
इस राशि में ऊर्जा, साहस, नयापन और चंचलता पायी जाती है।
इस राशी की सबसे बड़ी कमजोरी है - अस्थिर दिमाग।
इनको सलाह लेकर एक मोती पहनना चाहिए।
सूर्य की उपासना जरूर करनी चाहिए।
अग्नि तत्व की दूसरी राशि - सिंह।
इस राशि का स्वामी स्वयं सूर्य है।
इस राशि को अग्नि तत्व की प्रमुख राशि माना जाता है।
इस राशि को नेतृत्व, साहस, संघर्ष और राजनीति की राशि माना जाता है।
इस राशि के लोग अक्सर समाज का नेतृत्व करते हैं।
इस राशि की सबसे बड़ी कमजोरी है - अतिविश्वास।  
इनको सलाह लेकर एक मूंगा धारण करना चाहिए।
इस राशि के लोगों को गायत्री मंत्र का जप करना चाहिए।
अग्नि तत्व की तीसरी राशि - धनु।
इस राशि का स्वामी बृहस्पति है।
यहाँ सूर्य व्यक्ति को भाग्यवान बनाता है।
इस राशि के पास साहस, ज्ञान, गणना और नेतृत्व का गुण होता है।
इस राशि के लोग अक्सर सेना या पुलिस में देखे जाते हैं।
इनकी सबसे बड़ी कमजोरी है - वाणी पर नियंत्रण न रखना।
इस राशि के लोगों को सलाह लेकर माणिक्य धारण करना चाहिए।
इस राशि के लोगों को भगवान् सूर्य की उपासना अवश्य करनी चाहिए।