आइसक्रीम और कुल्फी का स्वाद भले ही दिल को तृप्ति देती हो, लेकिन इन्हें जरा संभलकर खाएं। मिलावट का धंधा करने वाले आपकी सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। यह कड़वी सच्चाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा प्रदेश भर में आइसक्रीम, कुल्फी, दूध व उससे बने उत्पादों और कोल्ड ड्रिंक के नमूनों की जांच में सामने आई है। आइसक्रीम व कुल्फी के करीब 70 फीसद नमूने मानकों की जांच में खरे नहीं उतरे। इसमें घातक रंगों के साथ पेंट तक की मिलावट करने में मिलावटखोर नहीं हिचके। वहीं दूध और उससे बने उत्पादों के 68 फीसद नमूने गड़बड़ पाये गए।
पूरे प्रदेश में आइसक्रीम, कुल्फी, दूध, दुग्ध उत्पादों और कोल्ड ड्रिंक इत्यादि खाद्य पदार्थों के 1601 नमूने लिए गए। छह जन विश्लेषक प्रयोगशाला में इन नमूनों में मिलावट की जांच की गई। आइसक्रीम व कुल्फी के 285 नमूने लिए गए। इसमें से 25 नमूने पूरी तरह असुरक्षित पाए गए। उनमें घातक रंगों के साथ-साथ पेंट तक मिलाया गया था। 164 नमूने अधोमानक पाए गए जिनमें मानक के अनुसार न तो फैट था न अन्य जरूरी सामग्री और 11 नमूनों की पैकिंग पर गलत जानकारियां दर्ज पायी गईं। इसमें न तो एक्सपायर होने की तारीख ढंग से छापी गई थी और न ही बैच नंबर इत्यादि।
दूध व उससे बने उत्पादों के कुल 691 नमूनों में से 68 फीसद नमूने मानक पर खरे नहीं उतरे। 15 नमूने असुरक्षित यानी खाने लायक नहीं मिले। 458 नमूने अधोमानक पाये गए। इसी तरह कोल्ड ड्रिंक के 35 नमूनों में से आठ अधोमानक व 11 की पैकिंग पर गलत जानकारियां दर्ज पायी गईं। जांच में खाद्य पदार्थ का नमूना असुरक्षित पाये जाने पर विक्रेता को उम्रकैद और दस लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। अधोमानक मिलने पर पांच लाख रुपये और पैकिंग पर गलत और भ्रामक जानकारियां दर्ज होने पर तीन लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
बोतल बंद पानी भी बिगाड़ रहा सेहत
बोतल बंद पानी जिसे मिनरल वॉटर बताकर तमाम कंपनियां बेच रही हैं वह भी सेहत के लिए ठीक नहीं है। वॉटर लाइसेंस धारकों के यहां से 217 व अन्य दुकानों से 155 नमूने लिए गए। कुल 372 नमूनों में से 245 में गलत जानकारी पायी गई और 10 अधोमानक मिले। इसमें एक्सपायर होने की तारीख नहीं छपी थी। ऐसे में पानी में बैक्टीरिया व फंगस हो सकता है।
घातक रंगों की मिलावट से कैंसर का खतरा
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि आइसक्रीम व कुल्फी में घातक रंग और पेंट की मिलावट पाया जाना बेहद खतरनाक है। इससे व्यक्ति को कैंसर तक होने का खतरा रहता है।
इसके अलावा आइस क्रीम और कुल्फी के निर्माण में गंदे पानी का उपयोग किया जाता हैं और सबसे मजेदार बात उसमे जेलेटिन मिलाया जाता हैं जो हड्डी से बनता हैं। यदि आप कट्टर धार्मिक हैं तो इनका जरूर उपयोग करे।