अबू धाबी। क्राउन प्रिंस (Crown Prince) शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (Mohamed bin Zayed Al Nahyan) ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को यहां यूएई के सर्वोच्च नागरिक सम्‍मान  'ऑर्डर ऑफ जायद' (Order of Zayed) से सम्‍मानित किया। प्रधानमंत्री मोदी अपना दो दिवसीय फ्रांस का दौरा खत्म करने के बाद अबू धाबी पहुंचे हैं।  


सम्मानित महसूस कर रहा हूं
यूएई के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार 'ऑर्डर ऑफ जायद' से सम्मानित किए जाने से जुड़े सवाल पर पीएम मोदी ने कहा था कि इसको लेकर मैं काफी सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह सम्‍मान दोनों देशों के बीच बढ़ती भागीदारी का सबूत है। यह मेरा नहीं भारत की 1.3 अरब लोगों का सम्मान है। यह दोनों देशों के बीच सुरक्षा, शांति और समृद्धि के लिए द्विपक्षीय रिश्तों की मजबूती को दिखाता है। 


अप्रैल में हुई थी सम्‍मान देने की घोषणा 
बीते अप्रैल में यूएई ने पीएम मोदी को दिए UAE का सर्वोच्च सम्मान की घोषणा की थी। यह सम्‍मान यूएई के संस्थापक शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान (Sheikh Mohammed bin Zayed Al Nahyan) के नाम पर दिया जाता है। यूएई जो खाड़ी क्षेत्र का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है जहां बड़ी संख्‍या में प्रवासी भारतीय रहते हैं। भारत-यूएई द्विपक्षीय व्यापार 60 अरब डॉलर है और यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है।


बहरीन यात्रा भी महत्वपूर्ण 
मोदी यहां से बहरीन जाएंगे और शाह शेख हमाद बिन इसा अल खलीफा के साथ बैठक करेंगे। पीएम मोदी की बहरीन यात्रा भी बेहद महत्वपूर्ण होगी क्योंकि किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की यह पहली यात्रा होगी। प्रधानमंत्री मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रविवार को फ्रांस के लिए रवाना होंगे। जी-7 शिखर वार्ता से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप से मिलेंगे। 


ट्रंप के साथ कश्‍मीर पर चर्चा संभव 
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसी सप्ताह जी-7 शिखर वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होने वाली मुलाकात में पाकिस्तान और भारत के बीच कश्मीर मुद्दे और मानवाधिकार पर चर्चा सकते हैं। अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने ट्रंप के एजेंडे की जानकारी दी। शीर्ष अधिकारी ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह जानना चाहेंगे कि क्षेत्रीय तनाव घटाने और कश्मीर में मानवाधिकार का सम्मान करने के लिए दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत की क्या योजना है।’