मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने टेरर फंडिंग मामले (Terror Funding Case) में की गई कार्रवाई के लिए एमपी की कमलनाथ (Kamalnath) सरकार को बधाई दी है. उन्होंने इस मामले को लेकर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, गृहमंत्री अमित शाह और एनएसए अजित डोभाल (NSA Ajit Doval) पर भी निशाना साधा है. उन्होंने टेरर फंडिंग मामले के आरोपियों को पूर्व में दी गई जमानत के लिए शिवराज सिंह चौहान से स्पष्टीकरण भी मांगा.
शिवराज सिंह चौहान से पूछा सवाल
एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने टेरर फंडिंग रैकेट के पर्दाफाश के लिए एमपी की कमलनाथ सरकार को बधाई दी है. श्री सिंह ने कहा कि इसके दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने इसके लिए सीएम कमलनाथ को बधाई भी दी. दिग्विजय सिंह ने टेरर फंडिंग मामले के आरोपियों को पूर्व में मिली जमानत के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से स्पष्टीकरण भी मांगा. उन्होंने शिवराज सिंह चौहान से कहा कि उन्होंने टेरर फंडिंग मामले के आरोपियों की जमानत कैसे होने दी? उन्होंने ये भी पूछा कि यदि उन्हें जमानत मिली तो भी तत्कालीन सरकार ने इसके खिलाफ अपील क्यों नहीं की.
अमित शाह-अजित डोभाल पर हमला
दिग्विजय सिंह ने इस मामले को लेकर गृहमंत्री अमित शाह और एनएसए अजित डोभाल पर भी निशाना साधा. दिग्विजय ने अपने दूसरे ट्वीट में शिवराज सिंह चौहान से पूछा कि पाकिस्तान लिए खुफियागिरी करने वालों को बचाने वाले दोशद्रोही हैं कि नहीं? श्री सिंह ने गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल पर हमला करते हुए अपने ट्वीट में लिखा कि देशद्रोही तो आपके घर में निकले.
क्या है टेरर फंडिंग मामला
दरअसल शुक्रवार को मध्य प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते ने आतंकवादियों को पैसा पहुंचाने के आरोप में सतना से सुनील सिंह, बलराम सिंह, और शुभम मिश्रा नामक 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि ये तीनों आरोपी पाकिस्तान के विभिन्न फोन नंबरों पर संपर्क कर बड़ी धनराशि का लेन-देन आतंकवादियों के साथ करते थे. पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ एटीएस द्वारा आईपीसी की धारा 123 (युद्ध करने की परिकल्पना को सुगम बनाने के आशय से छिपाना) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है. कांग्रेस ने इस मामले में आरोप लगाया था कि पकड़े गए तीन लोगों में एक व्यक्ति का संबंध बजरंग दल से है.