नई दिल्ली । भारतीय फुटबॉल टीम के गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू का मानना है कि उनको मिले अर्जुन पुरस्कार से देशभर में उभरते हुए पफुटबॉलरों को प्रेरणा मिलेगी। इससे इस खेल में करियर बनाने की कोशिश कर रहे खिलाड़ियों का मनोबल भी बढ़ेगा। गुरप्रीत अर्जुन अवॉर्ड पाने वाले 26वें फुटबॉलर हैं। वह यूएफा यूरोपा लीग (क्वॉलिफायर) में खेलने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी भी हैं। गुरप्रीत ने पुरस्कार के लिए नामित होने के बाद कहा, ‘अर्जुन अवॉर्ड के लिए नामित होने पर मैं उत्साहित और सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं चाहता हूं कि मेरी यह पहचान देश में इस खेल के सभी खिलाड़ियों को प्रेरित करे तभी मेरी खुशीपूरी होगी।’ वह भारतीय टीम का नेतृत्व करने वाले सबसे युवा खिलाड़ियों में से एक हैं। इन पुरस्कारों के शुरू होने के बाद गुरप्रीत इसे पाने वाले चौथे गोलकीपर हैं। उनसे पहले सुब्रत पॉल (2016), ब्रह्मानंद संखवालकर (1997) और पीटर थंगराज (1967) को अर्जुन अवॉर्ड मिला था।