नई दिल्‍ली: कांग्रेस अध्यक्ष पद पर सोनिया गांधी की वापसी के बाद से ही पार्टी से राहुल गांधी के युग का अंत हो गया है, लेकिन इस बदलाव के साथ-साथ और भी बहुत कुछ बदल रहा है. स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले ही राहुल गांधी का पोस्टर कांग्रेस दफ़्तर के बाहर से हटा दिया गया है. 

राहुल गांधी की जगह अब सोनिया गांधी के पोस्टर लगा दिए गए हैं. यही नहीं, कांग्रेस दफ्तर के अंदर पार्टी अध्यक्ष के तौर पर लगे नेम प्लेट को भी लगे हाथों हटा दिया गया है.

बतौर अध्यक्ष सोनिया गांधी का कमरा पार्टी दफ्तर में होगा, बतौर महासचिव प्रियंका गांधी का कमरा भी रहेगा, लेकिन राहुल गांधी पूरी तरह से कांग्रेस दफ़्तर से आउट हो गए हैं. क्योंकि कांग्रेस दफ़्तर में अब उनके लिए फिलहाल कोई जगह नहीं है, जहां वे बैठेंगे. 


सिर्फ सांसद के तौर पर ही दफ्तर में आएंगे जाएंगे राहुल 
कांग्रेस दफ़्तर में आमतौर पर पार्टी अध्यक्ष, महासचिव और सचिवों को ही कमरा मिलता है. राहुल गांधी अब सिर्फ एक सांसद के तौर पर कांग्रेस दफ्तर में आते जाते रहेंगे. सीडब्‍ल्‍यूसी की बैठक में भी वो पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर ही भाग लेंगे.


कांग्रेस के एक वरिष्‍ठ नेता के मुताबिक, आज तक कांग्रेस के इतिहास में सिर्फ गुलाम नबी आजाद ही ऐसे नेता हैं, जिनके पास पार्टी का केंद्रीय पद न होने के बावजूद एआईसीसी में कमरा आवंटित किया गया था. 

उस समय गुलाम नबी आजाद को महासचिव के पद से हटाकर जम्‍मू-कश्‍मीर का अध्‍यक्ष बनाया गया था. जिसके बाद, गुलाम नबी आजाद ने सोनिया गांधी से अनुरोध किया था कि उनका कमरा कांग्रेस दफ्तर में बरकरार रखा जाए. सोनिया गांधी के विशेष आदेश पर गुलाम नबी आजाद को यह सुविधा मिली थी.