भोपाल। जब भी सरकार ऐसा कोई कदम उठाती है, जिससे आतंकवाद को चोट पहुंचती हो, तो कांग्रेस के नेता चीखने-चिल्लाने लगते हैं। हायतौबा मचाने की जल्दी में उन्हें इतनी भी फुरसत नहीं होती, कि वे एक यथार्थ पर डाल लें। अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर शांत है, लेकिन उन्हें वह खतरे में नजर आ रहा है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता श्री राजपाल सिंह सिसौदिया ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के उस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही, जिसमें उन्होंने कश्मीर को खतरे में बताया है।
    श्री राजपाल सिंह सिसौदिया ने कहा कि आतंक और आतंकवादियों के प्रति दिग्विजयसिंह जैसे कांग्रेस नेताओं की सहानुभूति रिसर्च का विषय है। इन्हें पाकिस्तान में प्रशिक्षित, निर्दोषों का खून बहाने वाले आतंकवादी भटके हुए युवा दिखाई देते हैं और उन पर नकेल डालने की कोशिश करने वाले सुरक्षा बल और सरकार मानव अधिकारों का हनन करने वाले दिखाई देते हैं। चाहे दिल्ली का बाटला हाउस एनकाउंटर हो, या भोपाल सेंट्रल जेल में प्रहरी की हत्या कर भागे सिमी के आतंकियों से पुलिस की मुठभेड़, इन्हें वह मासूमों की हत्या ही नजर आती है। ‘ओसामा जी’ और ‘हाफिज सईद साहब’ की तरफदारी करने वाले इन नेताओं को वास्तविकता से कुछ लेना देना नहीं होता। श्री सिसौदिया ने कहा कि 370 हटने के बाद जम्मू कश्मीर में एक गोली नहीं चली, एक बूंद खून नहीं टपका। सोमवार को वहां ईद भी चैन-ओ-अमन के साथ संपन्न हो गई। लेकिन भोपाल में बैठे दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं को कश्मीर खतरे में नजर आ रहा है और वे उसे बचाने की अपील कर रहे हैं।