नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ के डोपिंग मामले में बचाव की मुद्रा में आ गया है। बीसीसीआई का कहना है कि सैंपल को इकट्ठा किए जाने के बाद नेशनल डोप टेस्टिंग लैबरेटरी (एनडीटीएल) की अंतिम रिपोर्ट आने में दो महीने का समय लगा। इस कारण उसे कार्रवाई में देरी हुई। बीसीसीआई जिस तरह से इस मामले को दबाने में लगी है उससे उसकी किरकिरी हो रही है। इसी बीच पृथ्वी को आईपीएल, मुंबई टी20 लीग और नैशनल क्रिकेट अकैडमी (एनसीए) में अभ्यास की अनुमति दे दी गई है। बोर्ड का कहना है कि उसने एनडीटीएल को दोबारा अवगत भी कराया गया था। वहीं इस मामले में वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) भी नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) के तहत आने की अनिच्छुक संस्थाओं द्वारा निबटाए जाने वाले मामले को दोबारा खोल सकती है। पिछले महीने पृथ्वी को डोप टेस्ट में नाकाम रहने के बाद बीसीसीआई ने आठ महीने के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। बीसीसीआई की ओर से कहा गया था कि पृथ्वी ने ‘अनजाने में प्रतिबंधित पदार्थ लिया था, जोकि आम तौर पर खांसी की दवा में पाया जाता है। पृथ्वी का निलंबन भी पूर्व से प्रभावी किया गया था।