नई दिल्ली: परिणीति चोपड़ा और सिद्धार्थ मल्होत्रा स्टारर रोमंटिक कॉमेडी फिल्म 'जबरिया जोड़ी' आज सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है. बिहार में प्रचलित पकड़ौआ विवाह पर बनी यह रोमांटिक कॉमेडी फिल्म जहां एक मुद्दे को उठाती है वहीं एक जबरदस्त कॉमेडी का स्वाद भी चखाती है. निर्देशक प्रशांत सिंह ने एक काफी गंभीर मुद्दे पर एक कॉमिडी बनाकर एक शानदार प्रयोग किया है. 

फिल्म में जहां एक ओर दहेज प्रथा से मुक्ति दिलाने का बीढ़ा उठाने वाला देसी हीरो है तो वहीं आज के समय में किसी भी गलत बात पर आवाज उठाने वाली  हीरोइन भी नजर आ रही है. इस आमतौर पर जहां हीरो को समाज का मसीहा टाइम दिखाया जाता है वहां सिनेमा उबाऊ हो जाता है, लेकिन इस फिल्म में आपको पल भर भी बोर होने की मोहलन नहीं मिलेगी. 


यह है कहानी
फिल्म की कहानी शुरु होती है पटना के बाहुबली अभय सिंह (सिद्धार्थ मल्होत्रा) से जो पकड़ौआ विवाह कराने में एक्सपर्ट है. अभय आसपास के पढ़े-लिखे और काबिल दूल्हों का अपहरण करके उनकी शादी दहेज देने में असमर्थ परिवारों की लड़कियों से कराता है. अभय के पिता हुकुम सिंह (जावेद जाफरी) भी क्षेत्र के दबंग हैं. उनके के आदेश, निर्देश और गैंग को साथ लेकर अभय अपने काम को बखूबी निपटाता है. इन पिता पुत्र का मानना है कि दहेज के लोभियों को सबक सिखाने का यही एक सही तरीका है. फिर एंट्री होती है अभय के बचपन का प्यार बबली यादव (परिणीति चोपड़ा) की, जो किसी वजह से उससे बिछड़ चुका है. बबली की फ्रेंड की शादी में इन दोनों की एक बार फिर मुलाकात होती है. लेकिन बबली भी कोई सीधी साधी घरूलू और चुप रहने वाली लड़की नहीं है. वह भी काफी 'धाकड़' स्वाभाव की लड़की है. बबली ने प्यार में धोखा देनेवाले आशिक को सरेआम नैशनल टीवी पर पीटकर अपना नाम 'बबली बम' फेमस कर लिया है. लेकिन बबली के पिता उससे एकदम उल्टे स्वभाव के यानी सीधे साधे आदमी हैं. दुनियालाल (संजय मिश्रा) एक स्कूल में अध्यापक हैं. इसके अलावा फिल्म में एक और किरदार है जो लवट्राएंगल बनाता है. वह है संतो (अपारशक्ति खुराना) जो मन ही मन बबली को प्यार करता है. अब यह कहानी क्या मोड़ लेती है इसे जानने के लिए आपको सिनेमाहॉल तक जाना होगा.


जबरदस्त म्यूजिक 
फिल्म का म्यूजिक जी म्यूजिक कंपनी के बैनर तले लॉन्च किया गया है. फिल्म का हर गाना पहले ही लोगों की जुबान पर चढ़ चुका है. फिल्म में 6 गाने हैं जिनमें एक 2 रोमांटिक, 1 सेड, 1 मस्ती वाला, 1 आइटम का तड़का आपको मिलने वाला है. यानी फिल्म के म्यूजिक को देखते हुए इसे रॉम कॉम म्यूजिकली मूवी बोलना गलत नहीं होगा.  


संजय मिश्रा और जावेद जाफरी ने जीता दिल 
इस फिल्म का फर्स्ट हाफ में जबरदस्त कॉमेडी पंच और कई तरह के रोमांटिसिज्म को सामने लाता है. वहीं सेकंड हाफ में कहानी थोड़ी बदलाव के साथ सामने आती है. लेकिन क्लाइमैक्स थोड़ा ज्यादा लंबा कर दिया गया है. पहले 'हंसी तो फंसी' में साथ नजर आ चुके सिद्धार्थ-परिणीति की केमेस्ट्री इस बार भी कामयाब है. वहीं दोनों के पिता के किरदारों में नजर आ रहे जावेद जाफरी और संजय मिश्रा की एक्टिंग लोगों का दिल जीत रही है. अपारशक्ति खुराना ने भी अपने रोल को काफी जस्टिफाइड किया है. बाकी सहयोगी कलाकार भी बिहार के देसीपन पर खरे उतरते नजर आ रहे हैं.