उत्तर भारत के महत्वपूर्ण 15 हिन्दू मंदिरों के संबंध में संक्षिप्त जानकारी।

1.बैजनाथ मंदिर : यह भगवान शिव को समर्पित एक प्रसिद्ध मंदिर है। प्राचीन इतिहास के अनुसार बैजनाथ मंदिर में स्थापित शिवलिंग रावण द्वारा लाया गया था। रावण ने जब भगवान शिव की पूजा की तो शिवजी उन पर प्रसन्न हो गए और तब शिव ने रावण को आशीर्वाद दिया और शिवलिंग का रूप धारण कर लिया। यह मंदिर उसी स्थान पर बनाया गया है, जिसे आज बैजनाथ कहा जाता है।

2.चूड़धार मंदिर : यह मंदिर हिमाचल प्रदेश में स्थित है। चूड़धार हिमाचल की सबसे ऊंची चोटी है जिस पर स्थित है यह मंदिर, जो भगवान शिव को समर्पित है। चूड़धार पहाड़ की चोटी पर पहुंचने के लिए लगभग 18 किलोमीटर की चढ़ाई करना पड़ती है। इस पहाड़ की चोटी पर से हिमालय की प्राकृतिक छटा देखते ही बनती है। यदि आप यहां जा रहे हैं तो सुबह-सुबह पहाड़ पर चढ़ना शुरू करना चाहिए, ताकि दोपहर से पहले मंदिर पहुंच सकें।

3.अक्षरधाम मंदिर : 'अक्षरधाम' भगवान स्वामीनारायण का निवास स्थान है। नई दिल्ली में स्थित स्वामीनारायण मंदिर भक्ति के लिए समर्पित है। यह मंदिर महान संत और भगवान नारायण के अवतार भगवान स्वामीनारायण (1781- 1830) की श्रद्धांजलि स्वरूप समर्पित है। दिल्ली में यमुना नदी के पास स्थित यह मंदिर पारंपरिक हिंदू संस्कृति को प्रदर्शित करता है। जब भी आप नई दिल्ली जाएं तो इस मंदिर में जरूर देखें।

4.वैष्णो देवी मंदिर : भारतीय राज्य जम्मू और कश्मीर के जम्मू में स्थित प्रसिद्ध हिन्दू तीर्थ स्थल वैष्णो देवी का मंदिर हैं। नवरात्रि पर्व के दौरान भारी संख्या में यहां तीर्थयात्री आते हैं। वैष्णो देवी मंदिर के ऊपर भैरो बाबा का एक प्रसिद्ध मंदिर है। सर्दियों के दौरान यहां बर्फबारी होती है। ग्रीष्मकाल के दौरान, तापमान पर्यटकों के लिए उपयुक्त होता है।

5.स्वर्ण मंदिर : सिख गुरु राम दास बनवाया गया यह एक पवित्र मंदिर है। यह पंजाब के अमृतसर में स्थित है। इसकी दीवारों को सोने की परत से मढ़ा गया है, इसीलिए इसे "द गोल्डन टेम्पल" कहा जाता है। इस मंदिर के परिसर में एक पवित्र झील है। श्रद्धालु अपने पापों से छुटकारा पाने के लिए इस पवित्र झील में स्नान करते हैं।

6.तेरा मंजिल मंदिर : भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर ऋषिकेश में गंगा नदी के तट पर स्थित है। ऋषिकेश में अन्य प्रसिद्ध मंदिर भी हैं जैसे भारत मंदिर, गीता भवन और रघुनाथ मंदिर आदि।

7.प्रेम मंदिर : भगवान कृष्ण को समर्पित यह प्रसिद्ध मंदिर मथुरा जिले के वृंदावन में स्थित है। संध्या आरती में भाग लेने के लिए प्रेम मंदिर में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। इस मंदिर को बनाने में काफी समय लगा था।

8..बंगला साहिब गुरुद्वारा : यह दिल्ली में स्थित एक प्रसिद्ध सिख तीर्थ स्थल है। इस गुरुद्वारे को दिल्ली के सबसे अच्छे पर्यटन स्थल के रूप में स्थान दिया गया है। गुरु का आशीर्वाद लेने के लिए दुनिया भर के लोग इस गुरुद्वारे में जाते हैं। गुरुद्वारा में एक पवित्र झील है जहां लोग पवित्र स्नान करते हैं।

9.भैरो मंदिर : यह मंदिर भी दिल्ली में स्थित है। इस मंदिर में भैरो बाबा को भक्त लोग प्रसाद के रूप में शराब चढ़ाते हैं। भैरो बाबा भगवान शिव का रूप है। जब भी हम दिल्ली जाते हैं, हमारे लिए इस भैरो बाबा के मंदिर का दर्शन करना और उनका आशीर्वाद लेना जरूरी होता है। इसके नजदीक प्रगति मैदान का मेट्रो स्टेशन है।

10.नीलकंठ महादेव मंदिर : यह मंदिर ऋषिकेश में स्थित है। यह मंदिर नीलकंठ महादेव (भगवान शिव का एक रूप) को समर्पित है। यह मंदिर मणिकूट, विष्णुकूट, ब्रह्मकूट जैसी घाटियों से घिरा हुआ है। हिंदू मान्यता के अनुसार, यह एक ऐसी जगह है, जहां भगवान शिव ने विष का सेवन किया था, और देवता और असुरों ने समुद्र को अमृत पाने के लिए समुद्र मंथन किया था।

11.काशी विश्वनाथ मंदिर : विश्व प्रसिद्ध यह हिन्दू मंदिर काशी विश्वनाथ का मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह उत्तर प्रदेश के काशी में पवित्र गंगा नदी के तट पर स्थित है और यह 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहां के देवता को विश्‍वनाथ और मंदिर को काशी विश्वनाथ मंदिर के नाम से जाना जाता है। मंदिर का हिन्दू शास्त्रों में उल्लेख मिलता है। इतिहास के अनुसार, इस मंदिर को कई बार नष्ट किया गया और फिर से बनाया गया है। मंदिर का वर्तमान स्वरूप 1780 में इंदौर की मराठा शासक अहिल्या बाई होल्कर द्वारा निर्मित करवाया गया था। इस मंदिर का प्रबंधन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किया गया है।

12. बद्रीनाथ मंदिर : बद्रीनाथ चार छोटे और बड़े धामों में से एक धाम भी है। यहां का मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है जो कि उत्तराखंड के बद्रीनाथ में स्थित है। इस मंदिर को भगवान विष्णु के 108 दिव्य धामों में से एक माना जाता है।

यह हिमालयी क्षेत्र में मौसम की स्थिति के कारण हर साल (अप्रैल के अंत और नवंबर की शुरुआत के बीच) छह महीने के लिए यह खुला रहता है। यह मंदिर अलक्षनंदा नदी के किनारे स्थित है। भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक इस मंदिर का उल्लेख विष्णु पुराण और स्कंद पुराण जैसे प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है।

13. केदारनाथ मंदिर : भारत के उत्तराखंड में स्थित केदारनाथ का मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मौसम की स्थिति के कारण, मंदिर केवल अप्रैल से (अक्षय तृतीया) और नवंबर (कार्तिक पूर्णिमा) के बीच खुला रहता है। सर्दियों के दौरान, केदारनाथ मंदिर से देवताओं को उखीमठ तक ले जाया जाता है, और वहां अगले छह महीनों के लिए देवता की पूजा की जाती है।

हिन्दू किंवदंतियों के अनुसार, प्रारंभ में इस मंदिर को पांडवों ने बनवाया था। शिव का यह पवित्र मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे ऊंचा हैं।

14.सोमनाथ मंदिर : सोमनाथ मंदिर गुजरात में स्थित है, और माना जाता है कि यह भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से पहला है। पुराणों के अनुसार, मंदिर को एक पवित्र मंदिर माना जाता है। यह गुजरात के मध्य में एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। मुस्लिम राजाओं द्वारा कई बार तोड़े जाने के बाद इस मंदिर का कई बार पुनर्निर्माण किया गया था। वर्तमान मंदिर को हिंदू वास्तुकला की चालुक्य शैली में पुनर्निर्मित किया गया और इसे मई 1951 में पूरा किया गया था।

15.पंढरपुर मंदिर : महाराष्ट्र के पंढरपुर में स्थित यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। यहां श्रीकृष्ण को विठोबा कहते हैं। इसीलिए इसे विठोबा मंदिर भी कहा जाता है। यह हिन्दू मंदिर विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर के रूप में जाना जाता है। यह भगवान विठोबा की पूजा का मुख्य केंद्र है, जिनकी पत्नी रखुमई है। यह महाराष्ट्र का सबसे लोकप्रिय मंदिर है।

माना जाता है कि यहां स्थित पवित्र नदी चंद्रभागा में स्नान करने से भक्तों के सभी पापों को धोने की शक्ति होती है। सभी भक्तों को भगवान विठोबा की मूर्ति के पैर छूने की अनुमति है। इस मंदिर में महिलाओं और पिछड़े वर्गों के लोगों को पुजारी नियुक्त किया गया है।