बिलासपुर । जिले के वृहदए मध्यम एवं लघु जलाशयों के माध्यम से इस वर्ष एक लाख 3 हजार 628 हेक्टेयर में खरीफ सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है। आज तक हुई वर्षा से खारंग जलाशय में 27.54 प्रतिशत और घोंघा जलाशय में 20 प्रतिशत जलभराव हुआ है। यह जानकारी जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में दी गई। कलेक्टर डॉ. संजय अलंग की अध्यक्षता में मंथन में आयोजित इस बैठक में निर्णय लिया गया कि खारंग जलाशय से दस दिन पानी छोडऩे की स्थिति में ही नहरों में पानी छोड़ा जायेगा। ताकि अधिक से अधिक खेतों तक पानी पहुंच सके। वर्षा की स्थिति को देखते हुए उम्मीद जताई गई कि अगले हफ्ते तक खारंग में 40 प्रतिशत तक जलभराव की स्थिति बन सकती है। सिंचाई विभाग के अधिकारी ने बताया कि अरपा.भैंसाझार परियोजना के तीन जलाशयों के अलावा किसी जलाशय में पर्याप्त जलभराव नहीं है। अरपा भैंसाझार से पानी छोड़ा गया है। जिसके फलस्वरूप लछनपुर बैराज में पानी भर गया है। उसे नहरों में छोड़ा जायेगाए जिससे 400 हेक्टेयर में सिंचाई होगी।  कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जलाशयों में उपलब्ध जल का अगले वर्ष 30 जून तक उपयोग हेतु योजना बनायें। जिससे गर्मी में पेयजल व निस्तार के लिये पानी मिले। कलेक्टर ने कहा कि पिछले दस वर्ष की वर्षा का आंकलन करें तो पिछले तीन वर्ष से लगातार वर्षा का औसत घट रहा है। इस स्थिति को ध्यान में रखना होगा। कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारी से कहा कि सिंचाई के लिये पानी छोड़े जाने के पूर्व सभी एडीओ की बैठक लेकर उन्हें पानी की स्थिति से किसानों को अवगत कराने का निर्देश दिया जाये। पानी के उपयोग हेतु कार्यदल बनाने का निर्देश सिंचाई विभाग के अधिकारी को दिया।  जिले में खाद, बीज की समीक्षा की गई। कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि 33 हजार टन खाद किसानों को वितरित किया गया है।  डीएपी खाद समितियों में उपलब्ध रहे।  यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गयाए साथ ही जरूरत पडऩे पर किसानों को शीघ्र पकने वाले धान के बीज भी दिये जायें।  बैठक में तखतपुर विधायक श्रीमती रश्मि आशीष सिंहए सहायक कलेक्टर श्री देवेश धु्रवए विधायक प्रतिनिधि श्री ज्ञानेन्द्र उपाध्याय एवं अन्य समिति के सदस्य तथा अधिकारी उपस्थित थे।