भोपाल। मध्य प्रदेश में भाजपा को लगातार झटके लग रहे हैं। विधानसभा में मिली हार के बाद पार्टी ने प्रदेश भर में सदस्यता अभियान चलाने शुरू किया है। पार्टी नेताओं को अपने अफने क्षेत्र में सदस्य बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। लेकिन भाजपा अपने टारगेट में पिछती दिखाई दे रही है। लक्ष्य के मुताबिक अभी तक सदस्य नहीं बन पाए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ चार जिलों में टारगेट पूरा किया जा चुका है। जबकि दूसरे जिलों में सदस्य नहीं बनाए जा सके हैं। 

रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के शहरी इलाकों में सदस्यता अभियान पिछड़ता जा रहा है। प्रदेश की राजधानी भोपाल और इंदौर में पार्टी को ज्यादा बड़ा झटका लगा है। पार्टी जो लक्ष्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिया था उससे बहुत कम सदस्य बने हैं। पूरे प्रदेश में 50 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, लक्ष्य की संख्या बहुत अधिक देखते हुए पार्टी नेताओंं ने कहा था कि मौजूदा 20 लाख सदस्य में वृध्दि कर 50 लाख का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। 

यहां लक्ष्य पाने में हुए कामयाब

भाजपा सदस्यता अभियान लक्ष्य केवल आगर-मालवा, कटनी जबलपुर और उज्नैन में पूरा हो सका है। बीजेपी के सबसे खराब स्थिति खंडवा और खरगन में बताई जा रही है। प्रदेश के पूर्व भाजपा अध्यक्ष और खंडवा के मौजूदा सांसद नंद कुमार सिंह चौहान के क्षेत्र में भाजपा ने 1.25 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा था। लेकिन यहां 30 हजार ही सदस्य बन पाए हैं।

शिवराज के जिले में भी पूरा नहीं हुआ टारगेट

मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के जिले में भी भाजपा को बड़ा झटका लगा है। सीहोर में 1 लाख नए सदस्य बनाने का टारगेट रखा गया है लेकिन अभी यहां केवल 50 हजार सदस्य ही बन पाए हैं।