रांचीः झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 22 जुलाई से 26 जुलाई तक आहूत किया गया है. सत्र को लेकर शियासत शुरू हो चुकी है. विपक्ष पांच दिनों के सत्र को महज खानापूर्ति बता रही है. विपक्ष का कहना है कि उम्मीद था कि इस सरकार का अंतिम सत्र है तो यह लम्बा होगा, लेकिन ऐसा नही हुआ.

मॉनसून सत्र को लेकर सत्तापक्ष का कहना है कि विपक्ष सत्र के दौरान सिर्फ हंगामा करती है और सदन को बाधित करना जानती है. सत्र छोटा हो या बड़ा इससे उन्हें फर्क क्या पड़ता है.


विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ओर कोंग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने पांच दिन का मॉनसून सत्र को महज खानापूर्ति बताया है. उन्होंने कहा कि सिर्फ एक से डेड़ घंटे के वक्त में बहुत ज्यादा सवाल करना भी सम्भव नहीं है.


हालांकि, हम चाहते हैं कि सरकार को राज्य में शिक्षा, बिजली व्यवस्था, किसान के लिए पानी की समस्या जैसे सवालों पर जवाब दे. हेमंत सोरेन ने कहा हमें नहीं लगता कि सरकार सवालों का जवाब दे पाएगीं. यह सत्र ही आखिरी नहीं सरकार के लिए सबकुछ आखिरी है, पांच वर्षों में इस सरकार ने कुछ किया ही नही है. सरकार की मंशा ही होती है सदन की कार्यवाही बाधित करना.