भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है। आज विधानसभा में आरक्षण के अलावा पब्जी गेम पर बैन लगाने का मुद्दा भी जोरों शोरों से उठा।विपक्ष ने प्रदेश में इसे बैन लगाने की मांग की।हालांकि अभी इस मामले में सरकार की ओऱ से कोई आश्वासन नहीं दिया गया है। यह पहला मौका नही है इसके पहले भी विधानसभा में यह मुद्दा उठ चुका है।

  दरअसल, आज विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान जहां बीजेपी विधायक डॉ सीतासरण शर्मा ने प्रमोशन में आरक्षण का मुद्दा उठाया वही शून्यकाल के दौरान विधायक शैलेंद्र जैन ने युवाओं और बच्चों में पबजी की लत लगने का मुद्दा उठाया । उन्होंने कहा कि इससे आत्महत्या की ओर रुझान बढ़ रहा है। राज्य में इस गेम पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। हालांकि अभी इस मामले में सरकार की ओऱ से कोई आश्वासन नहीं दिया गया है। 

बता दे कि इसके पहले भी इस तरह की मांग प्रदेश में उठ चुकी है।बीते विधानसभा सत्र में भाजपा विधायक यशपाल सिसोदिया ने सरकार से इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी।वही सरकार ने आश्वानसन देते हुए केंद्र सरकार को पत्र लिखने की बात कही थी ।अब तक  देश के सात राज्यों में पबजी पर बैन लगाया जा चुका है। वही बच्चों के लगातार इस गेम को खेलने की वजह से पालक भी कई बार इसके खिलाफ बैन लगाने की मांग करते रहे हैं। अब देखना है कि सरकार इस पर प्रतिबंध लगाती है या नही।

आपको बता दें कि, लोगों में ‘पबजी गेम’ का क्रेज कितनी तेजी से बढ़ रहा है इसका अंदाजा़ इस बात से ही लगाया जा सकता है कि, लॉच होने के चंद ही दिनों में इस गेम को गूगल प्लेस्टोर पर 50 मिलियन से भी ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका था।  गेम के कई तरह के हाईटेक फीचर हैं जिसमें अट्रैक्टिव ग्राफिक्स के साथ-साथ मोशन सेंसरिंग टेक्नोलॉजी और पावरफुल साउंड का इस्तेमाल किया गया है जो बच्चों को अपनी ओर काफी तेज़ी से आकर्षित कर रहा है। लड़कियों से ज्यादा ये गेम लड़के खेलना पसंद कर रहे हैं क्योंकि यह एक एक्शन गेम है, जिसमें मारधाड़ और कूदफांद काफी ज्यादा है।