नीमच में मोर चोरी तो रायसेन में बच्चा चोरी के आरोप में भीड़ ने किया उपद्रव


भोपाल । देशभर में मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। शुक्रवार को बिहार में 3 लोगों की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के बाद अब मध्यप्रदेश के नीमच और रायसेन में 2 लोगों की हत्या कर दी गई। नीमच में मोर चोरी तो रायसेन में बच्चा चोरी के आरोप में भीड़ ने खुद ही फैसला करते हुए एक अधेड़ और एक विक्षिप्त युवक को मार डाला। बताया जा रहा है कि नीमच जिले के अंतर्गत आने वाले कुकड़ेश्वर थाना क्षेत्र के गांव लसूडिया आतरी में रात्रि में ग्रामीणों ने चार राष्ट्रीय पक्षी मोर चोरों को रंगे हाथों पकड़ा। जिसमें से 3 चोर फरार हो गए, उसमें से एक ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गया उसकी ग्रामीणों ने जमकर धुनाई कर दी। उसे लोगों ने इतना मारा कि अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मरने वाले शख्स के पास से चार मरे हुए मोर बरामद हुए हैं। कुकड़ेश्वर पुलिस ने ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज कर 10 ग्रामीणों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पूरे मामले की बारीकी से जांच की जाएगी।
इसी तरह रायसेन जिले में बच्चा चोर गिरोह की अफवाह के बाद जुटी भीड़ ने एक विक्षिप्त युवक को पहले पीटा फिर उसे अस्पताल लेकर गए, जहां उसने दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक, औबेदुल्लागंज के पास ग्राम आकलपुर में लोगों ने पीट-पीटकर एक विक्षिप्त व्यक्ति को दहशत में डाल दिया। इसकी औबेदुल्लागंज के सामुदायिक केंद्र में शुक्रवार को दोपहर तीन बजे के करीब उस व्यक्ति की मौत हो गई है। इस विक्षिप्त व्यक्ति को आकलपुर से कुछ लोग पकड़कर अस्पताल लाए थे। डॉक्टरों के अनुसार भीड़ की दहशत में व्यक्ति ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। इससे पहले 18 जुलाई नीमच जिले में भीड़ का हिंसक रूप देखने को मिला था। यहां बकरा चोरी करने के आरोप में भीड़ ने तीन युवकों की जमकर पिटाई कर दी और उनकी मोटर साइकिल को आग के हवाले कर दिया।  


कल बिहार में हुई थी 3 की हत्या
पटना। बिहार के सारण से शुक्रवार को भीड़तंत्र की गुंडागर्दी की खबर आई थी। सारण जिले के बनियापुर इलाके में भीड़ ने शुक्रवार को तीन लोगों को पशु चोरी के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला था। मामले में पुलिस की जांच जारी है। जानकारी के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने पशु चोरी के संदेह मात्र पर शुक्रवार की सुबह 3 लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी।  

चार साल में 150 बार मॉब लिंचिंग
पिछले 4 सालों में मॉब लिंचिंग के 150 मामले हो चुके हैं और एक वेबसाइट के मुताबिक इन मामलों में 2015 से अब तक 68 लोगों की जानें जा चुकी हैं। इनमें दलितों के साथ हुए अत्याचार भी शामिल हैं। मगर सिर्फ गोरक्षा के नाम पर हुई गुंडागर्दी की बात करें तो सरकारी आंकड़े कहते हैं साल 2014 में ऐसे 3 मामले आए और उनमें 11 लोग ज़ख्मी हुए। जबकि 2015 में अचानक ये बढ़कर 12 हो गया। इन 12 मामलों में 10 लोगों की पीट-पीट कर मार डाला गया जबकि 48 लोग ज़ख्मी हुए। 2016 में गोरक्षा के नाम पर गुंडागर्डी की वारदातें दोगुनी हो गई हैं। 24 ऐसे मामलों में 8 लोगों को अपनी जानें गंवानी पड़ीं जबकि 58 लोगों को पीट-पीट कर बदहाल कर दिया गया। 2017 में तो गोरक्षा के नाम पर गुंडई करने वाले बेकाबू ही हो गए। 37 ऐसे मामले हुए जिनमें 11 लोगों की मौत हुई। जबकि 152 लोग जख्मी हुए। वर्ष 2018 में अब तक ऐसे 9 मामले सामने आ चुके हैं. जिनमें 5 लोग मारे गए और 16 लोग जख्मी हुए।

मप्र में बनेगा सख्त कानून
मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार मॉब लिंचिंग को रोकने लिए जल्द कानून बनाने जा रही है। मॉब लिंचिंग पर कानून बनने के बाद फर्जी गौरक्षकों की खैर नहीं है। कानून का मसौदा तैयार कर विधानसभा में पेश कर दिया है। इसके पारित होते ही गाय के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कानून बनाने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य होगा। गौवंश वध प्रतिशेष संशोधन विधेयक के नाम पर विधानसभा में रखे गए विधेयक में अब गौवंश के परिवहन करने वाले संबंधित व्यक्ति को एसडीएम, तहसीलदार एनओसी या परमिट देंगे। इस एनओसी या परमिट को वाहन पर लगाकर ले जाना होगा, इसका फायदा ये है कि इससे पता चल जाएगा की ये सुरक्षित है और गलत काम के लिए नहीं ले जा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद अगर कोई हिंसा या मारपीट करता है तो फिर उसके लिए कड़ी सजा और जुर्माने दोनों का प्रावधान रखा गया है।