अहमदाबाद | गुजरात सरकार ने स्पष्ट किया है कि “मां कार्ड” के बावजूद मरीजों से इलाज की रकम वसूल करने वाले अस्पतालों के खिलाफ लाइसंस रद्द करने तक की कार्यवाही की जाएगी| इतना ही नहीं मरीजों से वसूली गई रकम से ज्यादा रकम अस्पताल से वसूल की जाएगी|
गुजरात विधानसभा में कांग्रेस विधायक इमरान खेडावाला के प्रश्न के लिखित उत्तर में उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री नितिन पटेल ने कहा कि गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर प्रकार के रोग में मुफ्त उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राय सरकार ने मां कार्ड, मां वात्स्यल्य योजना और केन्द्र सरकार ने आयुष्यमान कार्ड योजना शुरू की है| जिसका राज्यभर में जरूरतमंद मरीज लाभ ले रहे हैं| लेकिन राज्य के कई अस्पतालों ने सेवा के इस कार्यक्रम को भी अपना व्यवसाय बना लिया है| उन्होंने बताया कि 31 मई 2019 तक अहमदाबाद की कृष्णा शेल्बी होस्पिटल, बोडी लाइन होस्पिटल, सेवियर होस्पिटल, शेठ वाडीलाल साराभाई जनरल होस्पिटल, नरोडा की शेल्बी होस्पिटल, स्टार होस्पिटल, नारायणा हृदयालया होस्पिटल, जीएस मेडिकल कॉलेज होस्पिटल एन्ड रिसर्च सैंटर, आनंद सर्जिकल होस्पिटल, ग्लोबल होस्पिटल, एससीजी मल्टी स्पेश्यालिटी होस्पिटल, लाइफ केयर इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सायंस एन्ड रिसर्च सेंटर, शिवालिक होस्पिटल, स्टर्लिंग होस्पिटल, संजीवनी होस्पिटल और साल होस्पिटल ने मरीजों के पास मां कार्ड होने के बावजूद उनसे उपचार खर्च वसूल किया है| इसकी जानकारी के बाद सरकार ने 17 अस्पतालों के खिलाफ कार्यवाही की है और उपचार के लिए वसूली गई रकम लाभार्थियों को वापस लौटाई है| नितिन पटेल ने कहा कि कड़े शब्दों में कहा कि मां कार्ड होने के बावजूद यदि मरीजों से उपचार का खर्च लिया जाता है तो ऐसे अस्पताल का लाइसंस रद्द कर दिया जाएगा|