पटना : भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उत्तर प्रदेश इकाई को नया अध्यक्ष मिल जाने के बाद अब बिहार बीजेपी को भी नया अध्यक्ष जल्द मिलने की संभावना तेज हो गई है. बिहार में अध्यक्ष पद के लिए कई नामों के कयास भी लगाए जा रहे हैं. बीजेपी के कुछ नेता जहां चुनाव की तरह सामाजिक समीकरणों के गणित के आधार पर गुणा-भाग कर नामों पर चर्चा कर रहे हैं, वहीं कई नेता ऐसे भी हैं जो सांगठनिक क्षमता वाले नेता को अध्यक्ष बनाए जाने की बात कर रहे हैं. 

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद पार्टी की नीति के तहत कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही जल्द बिहार में नए बीजेपी अध्यक्ष की तैनाती हो जाएगी, लेकिन यह मामला लगातार टलता जा रहा है. 

उत्तर प्रदेश में नए अध्यक्ष की तैनाती के बाद जल्द से जल्द बिहार में भी नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा की आस जग गई है. 


बीजेपी सूत्रों का कहना है कि पार्टी किसी ऐसे व्यक्ति के नाम की भी घोषणा अध्यक्ष पद पर कर सकती है कि जो नरेंद्र मोदी की सरकार के पार्ट एक में मंत्रिमंडल में शामिल थे, लेकिन इस मंत्रिमंडल में स्थान नहीं पा सके हैं. ऐसे में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी और राधा मोहन सिंह का नाम सबसे आगे माना जा रहा है. 

बीजेपी के एक नेता ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर कहा कि बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में पार्टी नेतृत्व चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रदेश अध्यक्ष पद पर पिछड़ा या अति पिछड़ा वर्ग का दांव भी खेल सकती है.

वैसे, बीजेपी का कोई भी नेता प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर खुलकर नहीं बोल रहा है, लेकिन सभी नेता कहते हैं कि पार्टी जिस नाम पर अपनी मुहर लगाएगा, वे अध्यक्ष होंगे. 


बीजेपी मीडिया सेल के प्रभारी राकेश सिंह ने कहा कि बीजेपी में कई नेता ऐसे हैं, जिनमें सरकार और संगठन चलाने की क्षमता है, इसलिए किसी एक नाम पर कयास लगाना बेमानी है.