वलसाड | वलसाड की कोर्ट ने बनासकांठा जिले के वडगाम से निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी की अग्रिम जमानत याचिका आज खारिज कर दी| वलसाड की आरएमवीएम स्कूल ने जिग्नेश मेवाणी के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत कर आरोप लगाया था कि उन्होंने फर्जी वीडियो जारी कर उनकी स्कूल को बदनाम करने का प्रयास किया|
दरअसल जिग्नेश मेवाणी ने 20 मई को अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया था| इस वीडियो में आधे नंगे एक स्कूली छात्र को कोई पीट रहा था| जिसके बारे में मेवाणी का दावा था कि छात्र को पीटने वाले शिक्षक वलसाड के आरएमवीएम स्कूल का शिक्षक है| जिग्नेश मेवाणी ने इस मामले में पीएमओ से भी खुलासा मांगा था| हांलाकि विवादित बढ़ने पर जिग्नेश मेवाणी ने ट्विटर अकाउंट से इस वीडियो को डिलीट कर दिया था| लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी| वलसाड की आरएमवीएम स्कूल की प्रधानाचार्य बीजल कुमारी पटेल ने जिग्नेश मेवाणी के खिलाफ वलसाड पुलिस थाने में मामला दर्ज करवा दिया| जिसमें बीजल पटेल ने कहा कि जिग्नेश मेवाणी ने जो वीडियो शेयर किया है, उनके स्कूल से जुड़ा नहीं है| जिग्नेश मेवाणी ने ऐसा करके उनकी स्कूल और उसमें काम करनेवाले शिक्षकों की बदनामी की है| शिकायत के आधार पर मेवाणी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था| उस वक्त कई ट्विटर यूजर्स का दावा था कि यह वीडियो गुजरात का नहीं बल्कि मिस्र का है|
जिग्नेश मेवाणी ने इस मामले में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की थी| आज वलसाड की कोर्ट ने मेवाणी की अग्रिम जमानत की याचिका को खारिज कर दिया है| गौरतलब है कि मामला दर्ज होने के बाद जिग्नेश मेवाणी ने कहा था कि इसके लिए मैंने स्कूल प्रबंधन से माफी मांग ली है| इसके बावजूद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है| हांलाकि यह एफआईआर टिकेगी नहीं|