सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के 15 बागी विधायकों के इस्तीफे पर निर्णय लेने को लेकर कर्नाटक विधानसभा स्पीकर के विशेषाधिकार पर बंदिश लगाने से इनकार कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि विधायकों को गुरुवार को प्रस्तावित विश्वास मत प्रस्ताव में शामिल होेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। इस फैसले के साथ ही कर्नाटक की 14 महीने पुरानी कांग्रेस-जदएस सरकार का गिरना लगभग तय माना जा रहा है। 
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने बुधवार को अपने अंतरिम आदेश में कहा था कि स्पीकर केआर रमेश कुमार को अनुच्छेद-190 के तहत विधायकों के इस्तीफे पर निर्णय लेने के लिए छोड़ देना चाहिए। पीठ ने कहा कि हम स्पीकर के अधिकारों पर बंदिश नहीं लगाना चाहते। स्पीकर अपनी सुविधा के मुताबिक, इस्तीफे पर फैसला ले सकते हैं।  

शीर्ष अदालत ने यह आदेश प्रताप गौड़ा पाटिल समेत 15 विधायकों की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कई कानूनी मसले सामने आए हैं, जिन पर बाद में निर्णय लिया जाएगा। पीठ ने कहा कि यह देखते हुए कि गुरुवार को विधानसभा में विश्वास मत प्रस्तावित है, लिहाजा मौजूदा हालात और प्रमाणों को देखते हुए हमें सांविधानिक संतुलन बनाने की जरूरत है। 

पीठ ने जहां स्पीकर के विशेषाधिकार पर दखल देने से इनकार कर दिया, वहीं बागी विधायकों को उनकी इच्छा पर छोड़ दिया है कि वह मौजूदा विधानसभा सत्र में शामिल होना चाहते हैं या नहीं। विधायकों के इस्तीफे पर स्पीकर के निर्णय को अदालत के समक्ष रखने के लिए कहा गया है। शीर्ष अदालत के इस आदेश को बागी विधायकों की जीत माना जा सकता है कि क्योंकि पार्टी का व्हिप भी इन विधायकों पर लागू नहीं होगा। 

कर्नाटक विधानसभा का गणित बिगड़ना तय

225 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस-जदएस गठबंधन के पास फिलहाल 117 सदस्य (कांग्रेस 78, जदएस 37, बसपा 1 और 1 मनोनीत) हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मनोनित सदस्य को भी मतदान का अधिकार है।

वहीं, दो निर्दलीय विधायकों के साथ आने के बाद भाजपा के पास 107 विधायकों का समर्थन है। अगर स्पीकर बागी विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लेते हैं या वे सदन में मौजूद नहीं रहते हैं तो सरकार के पास सिर्फ 101 सदस्य रह जाएंगे। ऐसे में कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में आ जाएगी।  

एक कांग्रेस विधायक लापता, तलाश में जुटी पुलिस

बहुमत परीक्षण से करीब 14 घंटे पहले बुधवार को कांग्रेस विधायक श्रीमंत बालासाहेब पाटिल लापता हो गए। उन्हें आखिरी बार उस होटल में देखा गया था, जहां कांग्रेस के सभी विधायक रुके हैं। कांग्रेस ने विधायक की तलाश में दस टीमें लगाई हैं। पुलिस की भी मदद ली जा रही है।

बागी विधायक बोले, सदन में नहीं रहेंगे मौजूद 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना करते हुए कांग्रेस-जदएस के बागी विधायकों ने बुधवार को कहा कि न ही वे अपने इस्तीफे पर पीछे नहीं हटेंगे और न ही विधानसभा सत्र में हिस्सा लेंगे। ये बागी विधायक मुंबई में डेरा डाले हैं।

इस्तीफा देने वाले कांग्रेस विधायक बीसी पाटिल ने बुधवार को एक वीडियो जारी कर कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। सभी विधायक एकजुट हैं और हमने यह फैसला किया है कि किसी भी कीमत पर हम इस्तीफे से पीछे नहीं हटेेंगे। हम अपने फैसले पर अडिग हैं। विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने का कोई सवाल ही नहीं। 

रामालिंगा रेड्डी इस्तीफा वापस लेंगे, सरकार के पक्ष में करेंगे मतदान

कर्नाटक में संकट में घिरी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार के लिए थोड़ी राहत भरी खबर है। कांग्रेस विधायक रामालिंगा रेड्डी अपना इस्तीफा वापस लेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी द्वारा रखे जाने वाले विश्वास मत के समर्थन में मतदान करने की बात कही है।

विधायक रेड्डी ने कहा है कि वह गुरुवार को विधानसभा सत्र में शामिल होंगे और कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी में रहूंगा और विधायक के तौर पर सेवाएं दूंगा।

व्हिप को निष्प्रभावी करने वाला फैसला: कांग्रेस

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बेहद खराब बताया। सुरजेवाला ने कहा कि फैसले ने पार्टी के व्हिप को अमान्य करार दे दिया और उन विधायकों को पूर्ण संरक्षण दे दिया है, जिन्होंने जनादेश के साथ विश्वासघात किया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने बेहद खराब न्यायिक मिसाल पेश की है।

विधायकों को जिस तरह का पूर्ण संरक्षण दिया गया है वह पहले कभी नहीं सुना गया। उन्होंने हैरानी जताई कि क्या आदेश का मतलब यह है कि अदालत व्हिप कब लागू किया जाएगा, इसका फैसला करके विधानसभा के कामकाज में हस्तक्षेप कर सकती है। एजेंसी
 

संविधान के अनुसार जिम्मेदारी निभाऊंगा: स्पीकर 

कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर केआर रमेश कुमार ने बागी विधायकों के इस्तीफे पर उन्हें फैसला लेने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया और कहा कि वह संविधान के सिद्धांतों के अनुसार अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। शीर्ष अदालत के फैसला आने पर कुमार ने कहा कि शीर्ष अदालत ने मुझ पर अतिरिक्त जिम्मेदारी डाल दी है, मैं सांविधानिक सिद्धांतों के अनुसार अपनी जिम्मेदारी निभाऊंगा। 

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि स्पीकर अपने द्वारा तय की गई अवधि के भीतर असंतुष्ट विधायकों के इस्तीफे पर फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि स्पीकर का फैसला उसके समक्ष पेश किया जाए। 

बागी विधायकों की नैतिक जीत हुई: येदियुरप्पा 

कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह बागी विधायकों की नैतिक जीत है, जिनके इस्तीफे के बाद कांग्रेस-जदएस सरकार अल्पमत में है। पूर्व सीएम येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री कुमारस्वामी से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा जब सरकार के पास बहुमत ही नहीं है तो मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का फैसला संविधान और लोकतंत्र की जीत है। 

अगले सप्ताह बन सकती है भाजपा सरकार: मुरलीधर राव 

हैदराबाद। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव पी मुरलीधर राव ने दावा किया कि अगले सप्ताह कर्नाटक में भाजपा सरकार बनने की संभावना है। राव ने बुधवार को कहा कि भाजपा आश्वस्त है कि मुख्यमंत्री कुमारस्वामी बृहस्पतिवार को विश्वास मत खो देंगे। गठबंधन सरकार स्पष्ट तौर पर अल्पमत में है और इसे जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए राव ने कहा कि विधानसभा स्पीकर मनमाना कदम नहीं उठा सकते और उन्हें तर्कसंगत न्याय सीमा के भीतर फैसला करना चाहिए।