नई दिल्ली: अगर आप साल की शुरुआत में सुपरमून का दीदार नहीं कर पाए तो अब आपके लिए आंशिक चंद्रग्रहण को देखने का मौका है. साल का आखिरी चंद्र ग्रहण आज लगने वाला है. यह चंद्रग्रहण तीन घंटे तक लगने वाला है. यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा जिसे पूरे देश में देखा जा सकेगा. भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण 16 जुलाई की रात 1 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगा और 17 जुलाई की सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर समाप्‍त हो जाएगा. यह चंद्र ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा क्‍योंकि उस वक्‍त यहां रात होगी. यह चंद्रग्रहण इस वजह से भी खास है, क्योंकि आज गुरू पूर्णिमा है.

जानिए, क्या है सूतक
चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण से ठीक 9 घंटे पहले यानी कि शाम 4:30 बजे शुरु हो गया है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण दोनों से कुछ घंटे पहले का समय ऐसा होता है, जब प्रकृति संवेदनशील हो जाती है. तब कुछ नकारात्मक स्थितियां पैदा हो जाती हैं. इससे खतरे की आशंका बढ़ जाती है. इस समय को सूतक काल कहा जाता है. सूर्यग्रहण से 12 घंटे तो चंद्रग्रहण के नौ घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है.

कब होता है चंद्र ग्रहण?
चंद्रग्रहण उस खगोलीय स्थिति को कहते हैं जब चंद्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी प्रतिच्छाया में आ जाता है. ऐसे में सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा इस क्रम में लगभग एक सीधी रेखा में आ जाते हैं. चंद्रग्रहण और सूर्यग्रहण हमेशा साथ-साथ होते हैं और सूर्यग्रहण से दो सप्ताह पहले चंद्रग्रहण होता है.

वैज्ञानिक मान्यता
ग्रहण के वक्त वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. इसलिए यह समय को अशुभ माना जाता है. इस दौरान अल्ट्रावॉयलेट किरणें निकलती हैं जो एंजाइम सिस्टम को प्रभावित करती हैं, इसलिए ग्रहण के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत होती है. इस समय चंद्रमा, पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है, जिससे गुरुत्वाकर्षण का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है. इसी कारण समुद्र में ज्वार भाटा आते हैं.  भूकंप भी गुरुत्वाकर्षण के घटने और बढ़ने के कारण ही आते हैं.

पौराणिक मान्यता
ज्योतिष के अनुसार राहु ,केतु को अनिष्टकारण ग्रह माना गया है. चंद्रग्रहण के समय राहु और केतु की छाया सूर्य और चंद्रमा पर पड़ती है. इस कारण सृष्टि इस दौरान अपवित्र और दूषित को हो जाती है.

ग्रहण के दौरान ये न करें -
- ग्रहण के दौरान भोजन नहीं करना चाहिए.
- ग्रहण के दौरान सोना भी नहीं चाहिए.
- ग्रहण को नग्न आखों से न देखें
- चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को खास ध्यान रखने की जरूरत है. क्योंकि ग्रहण के वक्त वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो कि बच्चे और मां दोनों के लिए हानिकारक हैं.

इस चंद्र ग्रहण को भारत समेत ऑस्ट्रेलिया, एशिया लेकिन यहां के उत्तर-पूर्वी भाग को छोड़ कर, अफ्रीका, यूरोप, उत्तरी तथा दक्षिणी अमेरिका के ज्यादातर भाग में दिखाई देगा.