लियो । जानवरों का बचाने के लिए 109 देशों ने मिलकर ऑपरेशन थंडरबाल चलाया। वन्यजीवों की तस्करी रोकने और उनके संरक्षण के लिए इंटरपोल और वल्र्ड कस्टम्स ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूसीओ) ने मिलकर यह कार्रवाई की। 2000 मामलों में 600 लोगों को तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इस साल अब तक 440 हाथी दांत जब्त किए गए है। इसके अलावा 4300 जीवित पक्षियों और दुर्लभ प्रजाति के 10 हजार समुद्री कछुओं को भी बचाया गया। अकेले जून महीने में ही 23 लंगूर, 30 शेर, चीता, बाघ समेत एक टन से अधिक पेंगोलिन की हड्डियों को जब्त किया गया है। इतना ही नहीं 74 ट्रक अवैध लकड़ी, 2600 से अधिक पौधे भी बरामद किए हैं। ऑपरेशन थंडरबॉल का प्रमुख मकसद तस्करों के इलाके, उनके रास्ते और अधिक मांग वाले देशों को चिह्नित कर इसे बंद कराने का दबाव बनाना है। दोनों संगठनों ने 2017 में ऑपरेशन थंडरबर्ड चलाया था। 2018 में इसी तरह की कार्रवाई को ऑपरेशन थंडरस्टॉर्म नाम दिया गया। वर्तमान में वन्य जीवों और वनस्पतियों से निर्मित दवाओं की सबसे अधिक मांग चीन में है। इसी के चलते यहां अवैध शिकार कर शार्क फिन्स, गैंडे के सींग लाए जाते है। साथ ही  छोटे स्तनपायी जीवों में पेंगोलिन के अंगों मांग ज्यादा है।