म.प्र. भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के अध्यक्ष  श्री अन्टोनी डिसा ने कहा है कि प्रदेशों के रेरा संगठनों को स्वयं के निर्णयों को लागू करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। इसके लिये यदि आवश्यक हो, तो अधिनियम में संशोधन भी किया जाना चाहिए। श्री डिसा आज नई दिल्ली में द एसोसिएट चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) द्वारा 'रियल एस्टेट सेक्टर के भविष्य के विकास और रणनीति' राष्ट्रीय सेमीनार को संबोधित कर रहे थे।

श्री डिसा ने कहा कि मध्यप्रदेश ने अवरूद्ध तथा मृतप्राय परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने की रणनीति पर काम किया है। इससे होमबॉयर्स को संपत्ति का वितरण सुनिश्चित हो रहा है। श्री डिसा ने सुझाव दिया कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल और संबंधित रेरा को ऐसी परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

सेमीनार में केंद्र सरकार के नए प्रस्तावित मसौदे के टेनेंसी एक्ट पर भी चर्चा की गई। इसे अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में सुझाव भी दिये गये। सेमिनार में सांसद श्री सुरेश प्रभु, केन्द्रीय सचिव शहरी विकास, देश भर के प्रमोटर, वित्तीय संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हुए।