अहमदाबाद | गुजरात सरकार ने विधानसभा में स्वीकार किया है कि राज्य में नर्मदा योजना के तहत 10796 किलोमीटर नहरों का कार्य बाकी है| उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि अब तक राज्य में 60952 किलोमीटर नहरों का काम पूर्ण कर लिया गया है, जबकि 10796 किलोमीटर नेटवर्क का बाकी है| नहरों के बाकी काम पर रु. 4354 करोड़ रुपए खर्च की संभावना है| उन्होंने बताया कि नर्मदा योजना पर अब तक रु. 70167.55 करोड़ से अधिक का खर्च किया जा चुका है| जनता दल और भाजपा की गठबंधन सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री चिमनभाई पटेल ने कड़ी के निकट नर्मदा की मुख्य नहर के कार्य के लिए जमीन संपादन का आदेश दिया था| जिसके तहत गांव गांव घूमकर किसानों को नहर के लिए जमीन देने को तैयार किया था| जिसकी वजह से 1994 में चिमनभाई पटेल ने शिलान्यास किया था| नर्मदा योजना से सिंचाई के बारे में जानकारी देते हुए नितिन पटेल ने बताया कि 1651432 हेक्टर में सिंचाई का पानी पहुंचाया जा रहा है| 
नर्मदा नहर के कार्य 25 वर्ष से बाकी होने के कांग्रेस विधायक वीरजी ठुम्मर के आरोप से विधानसभा में हंगामा हुआ| कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल झूठ बोल रहे है| वीरजी ठुम्मर के इस आरोप के बाद कांग्रेस और भाजपा विधायक आमने सामने आ गए| हांलाकि विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ| विपक्ष के नेता परेश धानाणी ने कहा कि पहली बार सरकार ने नर्मदा योजना में काम बाकी होने की बात स्वीकार किया है| सरकार के मुताबिक 48319.94 किलोमीटर में से 8783.57 किलोमीटर लंबी नहरों का काम बाकी है और जो नहरें बन चुकी हैं उनके टूटने का सिलिसला भी जारी है|