नई दिल्ली । कर्नाटक के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर बुधवार को भी संसद के दोनों सदनों में हंगामा जारी हैं।  कांग्रेसी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक बुधवार को 11 बज कर करीब 25 मिनट पर दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। हंगामे की वजह से उच्च सदन में शून्यकाल पूरा नहीं हो पाया। सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद उन्होंने सदन को सूचित किया कि कांग्रेस के राजीव गौड़ा और कपिल सिब्बल ने शून्यकाल स्थगित करने के लिए नियम 267 के तहत दो नोटिस दिए हैं जिन्हें स्वीकार नहीं किया गया है। भाजपा के भूपेंद्र यादव ने कहा कि उच्च सदन के नियमों और व्यवस्था के अनुसार, सदस्य भारत सरकार से जुड़े मुद्दे यहां उठा सकते हैं, लेकिन किसी दल से जुड़ा मुद्दा नहीं उठाया जा सकता। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि विपक्षी सदस्य अपनी ही पार्टी के विधायकों पर आरोप लगा रहे हैं। 
कांग्रेस के  राजीव गौड़ा तथा अन्य सदस्यों ने नोटिस के अस्वीकार किए जाने का विरोध किया। लेकिन सभापति ने सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील करते हुए कहा कि कल इस सदन की कार्यवाही बाधित होने की वजह से यहां कोई कामकाज नहीं हो पाया जबकि लोकसभा में कल रात 11 बजे तक कामकाज हुआ। नायडू ने हंगामा कर रहे कांग्रेस सदस्यों से कहा कि क्या आप नहीं चाहते कि लोकतंत्र आगे बढ़े। हमें लोकतंत्र को खतरे में नहीं डालना चाहिए। उन्होंने सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की। इसके बाद सदन में व्यवस्था बनी और शून्यकाल के तहत सदस्यों ने अपने अपने मुद्दे उठाने शुरू किये। सभापति ने हंगामा कर रहे कांग्रेस सदस्यों से अपने स्थानों पर लौट जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की। अपनी बात का असर न होते देख उन्होंने 11 बज कर करीब 25 मिनट पर बैठक दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
कुछ देर बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा और कपिल सिब्बल सदन में आए। सिब्बल ने सभापति से कहा कि उन्होंने एक नोटिस दिया था। इस दौरान सभापति तृणमूल कांग्रेस के डोला बनर्जी को उनका मुद्दा उठाने की अनुमति दे चुके थे। कपिल सिब्बल के साथ कांग्रेस के अन्य सदस्यों ने भी कर्नाटक में हो रहे राजनीतिक घटनाक्रम का मुद्दा उठाया और सदन में हंगामा शुरू हो गया। पार्टी के कुछ सदस्य आसन के समक्ष आ कर नारे लगाने लगे। नायडू ने सदस्यों से अपने स्थानों पर लौट जाने की अपील करते हुए कहा कि अगर किसी सदस्य को कोई समस्या हो तो वह सभापति के कक्ष में आ कर बात कर सकते हैं।