नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे के बेटे और कांग्रेस विधायक नितेश राणे को पुलिस ने गुरुवार को हिरासत में ले लिया. कांकावली पुलिस के सामने कांग्रेस विधायक नितेश नारायण राणे ने सरेंडर किया. उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 342, 332, 324, 323, 120 (ए), 147, 143, 504, 506 के तहत उनके और 40-50 समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. मुंबई-गोवा राजमार्ग की खराब दशा से नाराज होकर कांग्रेस विधायक नितेश राणे व उनके समर्थकों ने अपना गुस्सा सड़क के सब-इंजीनियर को कीचड़ से नहलाकर निकाला और उसे पुल से बांधने का प्रयास किया.

राणे के साथ कांकावली नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष व राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से जुड़े महाराष्ट्र स्वाभिमान पार्टी (एमएसपी) के कार्यकर्ता भी थे. राणे पुल के एक हिस्से पर चल रहे मरम्मत कार्य को देखने गए थे. यह पुल कंकावली के पास गढ़ नदी पर बना है.

उन्होंने सब-इंजीनियर प्रकाश शेडेकर से सड़क की खराब हालात पर सवाल किए और आपत्ति जताई कि लोगों को रोजाना कीचड़ व गड्ढों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा, "लोग इसे रोजाना बर्दाश्त कर रहे हैं..अब इसे आप भी महसूस कीजिए." इसके बाद लोगों ने कुछ बाल्टी कीचड़ शेडेकर पर फेंक दिया, उन्हें धक्का दिया व घेर लिया. 
उन्होंने जानना चाहा कि 'किसने उन्हें कंकावली को कीचड़ में डूबोने का अधिकार दिया है' और कुछ कार्यकर्ताओं उन्हें कीचड़ के पास ले गए. राणे व अन्य कार्यकर्ताओं ने शेडेकर को निर्माणाधीन पुल से बांधने की भी कोशिश की. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसे लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं, बहुत से लोग इस घटना की निंदा कर रहे हैं.