उज्जैन मध्यप्रदेश के उज्जैन में अवैध रूप से विभिन्न सोसायटियों की आवासीय भूमि पर बन रही एक 6 मंजिला इमारत को नगर निगम के दस्ते ने धराशायी कर दिया। बताया जा रहा है कि इस इमारत के निर्माण में अब तक लगभग 20 करोड़ रुपए का खर्च हो चुका है। पलक झपकते ही 20 करोड़ की लागत वाली ये होटल जबर्दस्त धमाके के साथ जमींदोज हो गई। धराशायी करने के दौरान धुल का गुबार निकला और होटल के दो हिस्से गिर गए।

जानकारी के अनुसार यह इमारत इंदौर रोड पर बन रही है। बताया जा रहा है कि यह होटल शांति क्लार्क इन सुईट्स की इमारत थी। जिसे बुधवार को ध्वस्त किया गया। अब तक इस होटल को पूरा नहीं तोडा जा सका है, बचे हुए हिस्से को कल तोड़ा जाएगा। आज(बुधवार को) इस इमारत को धरासाई करने में लगभग 34 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। निर्माण कार्य आवासीय जमीन पर बगैर डायवर्शन के नक्शा स्वीकृत कराकर किया जा रहा था।

आपको बता दें कि 3 हिस्सों में बन रही इस 6 मंजिला होटल को ढहाने का आदेश हाईकोर्ट ने दिया था। जेसीबी, पोकलेन से दीवारें तोड़ी थी जिसके बाद कुल 101 पिलर सामने आए। फिर इन पिलरों में बारूद भरा गया। इंदौर निवासी, विस्फोटक एक्सपर्ट शरद सरवटे की मौजूदगी में इस होटल को धरासाई किया गया। बीते कई दिनों से इस इमारत को ध्वस्त करने की प्रक्रिया चल रही थी।

आपको बता दें कि अवैध रूप से बन रही इस इमारत को तोड़ने में 20 लाख रुपए से ज्यादा खर्च हुए जिसे होटल मालिक से वसूला जाएगा। यह इमारत भ्र्ष्ट अधिकारियों और होटल प्रबंधकों द्वारा लेन-देन कर गलत तरह से कागजात तैयार किए गए थे। इसे गिराने से पहले नगर निगम ने जनसामान्य की सुरक्षा की दृष्टी से पास बनी होटल विक्रमादित्य को खाली करवा लिया। साथ ही ट्रैफिक डायवर्ट भी किया गया।

इस बिल्डिंग को हाईकोर्ट के आदेश के बाद धरासाई किया गया। हाईकोर्ट ने 18 जून को होटल शांति क्लार्क इन सुइट्स की समस्त परमिशन रद्द करते हुए तोड़ने का आदेश दिया था। आपको बता दें कि इंदौर हाईकोर्ट की डबल बेंच द्वारा फैसला दिए जाने के बाद होटल मालिक चंद्रशेखर श्रीवास ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने श्रीवास की याचिका खारिज कर दिया। इसे गिराने से पहले नगर निगम आयुक्त एवं उज्जैन प्रभारी कलेक्टर प्रतिभा पाल ने विस्फोटक एक्सपर्ट शरद सरवटे के साथ बीते गुरुवार को होटल का मुआयना कर वैधानिक अनुमति जारी करते हुए होटल मालिक को 24 घंटों में अपना सामान बाहर करने और होटल में समस्त प्रकार की बुकिंग बंद करने के निर्देश दिए गए थे।