रायपुर। मुख्य सचिव सुनील कुजूर की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के क्रियान्वयन के लिए गठित राज्य स्तरीय कार्यकारिणी एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निगरानी समिति की बैठक का आयोजन नियमित रूप से किया जाए। योजना के क्रियान्वयन के लिए चयनित गांव में किए जा रहे प्रयासों के चलते सामाजिक आर्थिक संकेतकों में हो रहे बदलाव की निगरानी और समीक्षा की जाए। मुख्य सचिव ने चयनित गांव में विभागीय योजनाओं के शत प्रतिशत क्रियान्वयन के साथ ही हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन के भी निर्देश दिए है।
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना का उद्देश्य 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति जनसंख्या वाले चुनिंदा गांव का एकीकृत विकास सुनिश्चित करना है। इसके लिए अद्योसंरचना के निर्माण, अनुसूचित जाति और गैर अनुसूचित जाति संख्या में असमानता समाप्त करना, गरीबी रेखा से नीचे के सभी अनुसूचित जाति के परिवारों को भोजन एवं जीवन यापन की सुरक्षा उपलब्ध करना, अनुसूचित जाति के सभी बच्चों को माध्यमिक स्तर तक शिक्षा सुनिश्चित करना, मातृत्व एवं शिशु मृत्यु दर के कारणों का समाधान करना, बच्चों एवं महिलाओं के कुपोषण दर में कमी लाने के प्रयास किए जाते है। इन संकेतकों में सुधार के लिए पेयजल और स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, समाज सुधार, ग्रामीण सड़के और आवास, विद्युत और स्वच्छ ईधन, कृषि पद्धतियां, वित्तिय समावेशन, डिजिटलीकरण, जीवन यापन और कौशल विकास के कार्य किए जाएंगे।
योजना के तहत वर्ष 2019-20 के लिए कुल 138 गांव का चयन किया गया है। जिसमें बलौदाबाजार के दस, बेमेतरा के दस, जांजगीर के दस, बिलासपुर के दस, मुंगेली के दस, रायपुर के दस, गरियाबंद के दो, महासमुंद के दस, धमतरी के नौ, दुर्ग के दस, बालोद के सात, राजनांदगांव के दस, कबीरधाम के दस, कोरबा के चार, रायगढ़ के दस, जशपुर के दो, सरगुजा के दो और कोरिया-कोण्डागांव के एक-एक गांव का चयन किया गया है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव कृषि के.डी.पी. राव, प्रमुख सचिव कौशल विकास श्रीमती रेणु पिल्ले, सचिव श्रम सुबोध सिंह, सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्रीमती निहारिका बारिक, सचिव वित्त सुश्री शहला निगार, सचिव लोक निर्माण अनिल राय, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण त्रिलोकचंद महावर, सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी डी.डी. सिंह, सचिव जल संसाधन अविनाश चम्पावत सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।