हू आर यू.... यस आई एम मीडिया

इंदौर। इन दिनों राष्ट्रीय मीडिया पर इन दिनों कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र विधायक आकाश की बल्लेबाजी और बेटे की गिरफ्तार से आहत गुस्साए कैलाश विजयवर्गीय की मीडिया के खिलाफ बदजुबानी चर्चा में है। आकाश की गिरफ्तारी और कैलाश के बयान के बीच शुक्रवार को इंदौर में ऐसा हादसा हुआ, जिसने मीडिया और मीडियाकर्मी की अहमियत को सामने ला दिया। राजवाड़ा पर आकाश की गिरफ्तारी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी का धरना आंदोलन चल रहा था। इस बीच एक युवक केरोसिन लेकर भीड़ में घुसा, नारेबाजी करते हुए युवक ने अपने ऊपर केरोसिन डाल लिया और आत्मदाह की कोशिश की और माचिस जलाने ही वाला था कि मौके पर मौजूद टाइम्स ऑफ इंडिया के फोटोजर्नलिस्ट प्रवीण बरनाले ने तत्परता दिखाते हुए  युवक के हाथ से माचिस छीन ली। इस दौरान उक्त युवक ने बरनाले के साथ झूमाझटकी भी की। बाद में अन्य मीडियाकर्मियों ने उसे दबोच लिया। केरोसिन में भीगे उसके कपड़े फाड़कर उस पर पानी डाला गया। खास बात यह है कि भाजपा ने तत्काल उस युवक जिसका नाम अमित सोनगरिया बताया जाता है उससे पल्ला झाड़ लिया। नेताओं का कहना था कि वह भाजपा का कार्यकर्ता नहीं है। सवाल यह उठता है कि अगर वह भाजपा का नहीं है, तो जल जाने देते। बहरहाल बरनाले की तत्परता ने सिर्फ युवक की जान नहीं बचाई, बल्कि एक बड़े हादसे को होने से रोक लिया, क्योंकि अगर युवक खुद को आग लगा लेता तो वह अपने साथ कई लोगों को चपेट में ले सकता था। 
    बहरहाल बात फिर कैलाश जी की, जिन्होंने अपने पुत्र की हरकत पर एक चैनल पर गरियाते हुए कहा था हू आर यू... औकात क्या है तुम्हारी। 
    इसका जवाब भाई प्रवीण और मौके पर मौजूद इंदौर की मीडिया ने भली प्रकार से, बगैर जुबान खोले दे दिया। हां, यह औकात है मीडिया की, जो सिर्फ खबरों पर चर्चा नहीं करती है, बल्कि ऐसे हादसों को भी रोकने में तत्पर रहती है, जो आपके और भाजपा के लिए मुसीबत बन सकते थे। अकेला यह पहला उदाहरण नहीं है, 15 दिन पूर्व एरोड्रम रोड पर एक युवक को कुछ लोग घेरकर मार रहे थे। हमलावरों के हाथ में साइकिल की चैन, रॉड और डंडे थे। काफी लोग इस घटना के दौरान उस रोड से गुजरे, सरसरी सी निगाह डालकर निकलते गए। युवक को बचाने की हिम्मत किसी की नहीं हुई। इस दौरान पत्रकार अभिषेक रघुवंशी अपने साथियों के साथ वहां से गुजरे, हिम्मत दिखाकर उन्होंने हमलावरों को रोकने की कोशिश की। गुस्साए युवकों ने रघुवंशी को धमकाते हुए चले जाने का कहा, रघुवंशी ने हिम्मत नहीं हारी और सूझबूझ के साथ हमलावरों समझाने में कामयाब रहे और यही नहीं दो को उन्होंने दबोच भी लिया। इस तरह न केवल एक अनजान युवक की जान बचाई बल्कि अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया। 
    मीडिया की औकात क्या है, ये पूछना बहुत आसान है, मीडिया की असल औकात जानना है तो उन लोगों से पूछना, जिनकी अंतिम उम्मीद ही मीडिया होता है।  
    इंदौर प्रेस क्लब ने अपने दोनों जांबाज साथियों का सम्मान किया, जिन्होंने मानवता को अपने कर्तव्य से आगे रखा। सैल्यूट प्रवीण, सैल्यूट अभिषेक।
- इंदौर मीडिया के समस्त साथी