न्यूयॉर्क । वैज्ञानिकों ने ऐसा उपकरण ईजाद कर लिया है जो तेज और मजबूत शुक्राणुओं (स्पर्म) को पहचान लेता है। अभी अच्छी क्वॉलिटी के स्पर्म की पहचान कर उन्हें अलग करना सबसे मुश्किल और थकाऊ काम होता है। इसमें घंटों लग जाते हैं। इस कारण लागत भी बढ़ती है। अमेरिका की कॉरनेल यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रफेसर अलीरेजा के मुताबिक, हाई क्वॉलिटी के स्पर्म की पहचान मुश्किल काम होता है मगर इस डिवाइस से कई घंटों का काम महज पांच मिनट में हो जाएगा। अच्छे स्पर्म वही माने जाते हैं जो फ्लो के उलट टिके रह पाते हैं इसलिए वैज्ञानिकों ने सबसे पहले माइक्रोफ्लूडिक चैनल बनाया, जिसमें स्पर्म तैरते हैं। इसी में ऐसा सिस्टम बनाया जो दीवार की तरह काम करता है और सबसे मजबूत स्पर्म को अपने पास रोक लेता है। इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) के जरिए संतान चाह रहे कपल्स के लिए साइंस की दुनिया से अच्छी खबर है।