इन्दौर । आदिवासी और जनजाति के बंधु भारतीय संस्कृति के मूलाधार हैं। महाराणा प्रताप की सेना में भी अनेक आदिवासी और भील समाज के सैनिक थे। जन भागीदारी, एकता, विश्वास और संगठन शक्ति का पाठ हम आदिवासियों से सीख सकते हैं। प्रकृति के तत्वों जैसे जल, वायु, आकाश और देवी के रूप में आदिवासी बंधु बड़ी श्रद्धा से पूजा अर्चना कर उनके गीत भी गाते हैं। झाबुआ अंचल में जल के अभाव में आदिवासियों का सम्यक विकास अब तक नहीं हो पाया है। शिव गंगा अभियान के माध्यम से इस दिशा में प्रयास जारी हैं।
 ये प्रेरक विचार हैं झाबुआ क्षेत्र में शिव गंगा अभियान के सूत्रधार और भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से अलंकृत किए गए महेश शर्मा के, जो उन्होने शहर के प्रमुख समाजसेवी स्व. सेठ श्यामदास अग्रवाल के जन्म जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में साऊथ तुकोगंज स्थित जाल सभागृह में ‘राष्ट्र निर्माण में आदिवासियों की महत्वपूर्ण भूमिका’ विषय पर आयोजित व्याख्यान मंे मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किए। इस अवसर पर श्यामदास जगन्नाथ धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट की ओर से महेश शर्मा का अभिनंदन भी किया गया। प्रारंभ में ट्रस्ट के अध्यक्ष रामदास गोयल ने स्वागत, उद्बोधन देते हुए बताया कि पद्मश्री महेश शर्मा ने अपने अभियान में पहाड़ी जमीन पर हजारों नए वृक्ष एवं एक लाख ग्यारह हजार जल संरचनाएं निर्मित की है। वे पिछले कई वर्षों से कुदाली और फावड़े ले कर धरती माता को बंजरता के अभिशाप से मुक्त कराने में जुटे हुए हैं। अतिथि परिचय कृष्ण कुमार अष्ठाना एवं राधेश्याम शर्मा गुरूजी ने दिया। सम्मान पत्र का वाचन नारायण अग्रवाल ने किया। ट्रस्ट की ओर से रामदास गोयल, ओपी अग्रवाल, गोविंद प्रसाद मिश्र, सुरेश अग्रवाल, डॉ. लोकेश जोशी, अंबिका शरण शास्त्री, दीपक लालका आदि ने अभिनंदन पत्र भेंट किया। अतिथियों का स्वागत परसरामपुरिया विद्यालय के प्राचार्य एसके पंवार, बाल मंदिर की प्राचार्य श्रीमती कोटियार, अमृता कविश्वर, रमेश कोटियार आदि ने किया। समारोह में समाजसेवी कृष्णदास मित्तल, कुणाल मिश्रा, कांतिलाल दलाल सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित थे। संचालन किया ट्रस्ट के मंत्री डॉ. लोकेश जोशी ने और आभार माना वरिष्ठ प्राचार्य कांतिलाल दलाल ने। समारोह का शुभारंभ मां भारती के अहर्निश सेवक स्व. सेठ श्यामदास अग्रवाल के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।  
पद्मश्री महेश शर्मा ने कहा कि स्व. श्यामदास अग्रवाल सरल, विनम्र और सेवाभावी व्यक्तित्व के धनी थे जिन्होने अनेक संस्थाओं एवं व्यक्तियों को रचनात्मक प्रकल्पों के लिए खुल मन से सहयोग दिया। आशीर्वाद और सेवा का जीवन में विशेष स्थान और महत्व होता हैं। झाबुआ अंचल में अब नई चेतना जागृत होने लगी हैं, फिर भी अभी बहुत कुछ करना शेष रह गया हैं।