• जबलपुर में पीएचई के रिटायर्ड एसडीओ के घर लोकायुक्त छापा
  • भाजपा नेत्री के पति पर कार्रवाई, रोहाणी परिवार का नाम आया सामने
  • 65 अधिकारियों की टीम ने मारा छापा
  • 05 बजे तड़के की गई कार्रवाई 

जबलपुर/भोपाल। प्रदेश के जबलपुर में मंगलवार सुबह लोकायुक्त ने छापा मारकर करोड़ों की अनुपातहीन संपत्ति का पता लगाया है। डीएसपी राज्यवर्धन महेश्वरी के नेतृत्व में लोकायुक्त ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय (पीएचई) विभाग के रिटायर्ड एसडीओ सुरेश उपाध्याय पर छापा मारकर 27 से ज्यादा संपत्तियों का खुलासा है। सदर एवं बिलहरी स्थित एसडीओ के निवास पर पड़े छापे के बाद क्षेत्र में हलचल मची रही। एसडीओ के घर से 2 लाख 50 हजार रूपए नगद, लाखों के जेवरात, बीमा पालिसी, शेयर के साथ आलीशान मकान, मंहगी कारें एवं घर पर लग्जरी फर्नीचर के साथ विलासता का बेशकीमती सामान मिला है।
डीएसपी राजवर्धन माहेश्वरी ने बताया कि पद का दुरुपयोग एवं आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर पीएचई के सेवानिवृत्त अनुविभागीय अधिकारी सुरेश उपाध्याय के बिलहरी अनंततारा बंगला नंबर 42 कजरवारा एवं सदर में जांच के लिए रेड की गई।  जांच में देवरीकला, कजरवारा, उमरिया, तिलहरी एवं बिलहरी में सैकड़ों एकड़ जमीन होने के दस्तावेज मिले हैं।
लोकायुक्त सूत्रों का कहना है कि इस संपत्ति की कीमत अरबों में है, जबकि कांग्रेस ने दावा किया है कि उपाध्याय के पास 400 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति है। उपाध्याय की पत्नी भाजपा नेत्री हैं और उनके भाजपा के दिग्गज नेताओं से अच्छे संबंध रहे हैं। इस संपत्ति में भाजपा नेताओं की भी दौलत शामिल होना बताई जा रही है।
ईओडब्ल्य के अनुसार एक शिकायत के बाद जांच की गई। जांच के बाद  सुरेश उपाध्याय, उनकी पत्नी अनुराधा उपाध्याय एवं बेटे सचिन उपाध्याय के खिलाफ 20 जून को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद प्लान बनाकर मंगलवार सुबह एक साथ पांच बजे चार ठिकानों पर एक साथ छापा मारा गया। 

क्या-क्या मिला
100 एकड़ जमीन लेनदेन के कागजात
06 से ज्यादा चार पहिया वाहन
आलीशान मकान
फार्म हाउस
कृषि भूमि
कई बैंक खाते
बीमा पॉलिसी
एफडी एवं शेयर


यहां की गई कार्रवाई 
जबलपुर के बिलहरी स्थित आनंदतारा के बंगला नंबर 42 साहित अन्य चार स्थानों पर भी छापा मारा है। उपाध्याय के पैतृक निवास भीटा कजरवारा सहित सदर में उनके कार्यालय में भी कार्यवाही की है।
 
सो रहा था परिवार, मार दिया छापा
उपाध्याय का परिवार सो रहा था। इसी दौरान ईओडब्ल्यू ने तड़के छापा मार दिया। सुबह छापे मारने के कारण परिवार सतर्क होने का समय नहीं मिल पाया। 

बंगला  करोड़ोंं का
सुरेश उपाध्याय का बिलहरी में जिस जगह बंगला है उसकी कीमत ही करोड़ों में आंकी जा रही है। 

पत्नी व बेटी के नाम की संपत्ति
ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया है कि रिटायर्डअधिकारी सुरेश उपाध्याय ने अपनी काली कमाई पत्नी बेटे और बेटी के नाम भी की है। 

100 एकड़ जमीन किसकी
उपाध्याय परिवार ने कुछ दिन  पहले की कजरवारा क्षेत्र में 100 एकड़ जमीन का सौदा किया था। कजरवारा वाली जमीन की रजिस्ट्री हुई है या नहीं इसकी भी जांच चल रही है। इसी आधार पर उपाध्याय पर छापा मारा गया।

पार्षद पत्नी-बहू और पुत्र भी लपेटे में
डायरी में कई नाम 
रिटायर एसडीओ सरेश उपाध्याय के साथ-साथ उनकी पत्नी पूर्व भाजपा पार्षद अनुराधा, पुत्र सचिन एवं बहू सपना के खिलाफ भी मामला है। सतीश उपाध्याय के घर से टीम को एक डायरी भी मिली है, जिसमें शहर के कई रसूखदार लोगों के नाम के साथ लाखों रुपए का लेन देन का उल्लेख है।


भाजपा नेताओं के नाम आए सामने
कांग्रेस ने कहा-रोहाणी परिवार की है संपत्ति
कांग्रेस नेता आलोक मिश्रा ने छापे के बाद आरोप लगाए हैं कि विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ईश्वर दास रोहाणी और उनके बेटे विधायक अशोक रोहाणी ने अपनी संपत्ति उपाध्याय के नाम कर रखी है। यह संपत्ति रोहाणी परिवार की है। इन्होंने दूसरों के नाम से संपत्ति खरीदी थी। रोहाणी परिवार के लोगों  ने दो दर्जन से ज्यादा लोगों के नाम पर संपत्ति ले रखी है। सरकारी जमीन हथिया कर कॉलोनी काट ली है। मिश्रा ने कहा कि वे इस मामले में वे सुप्रीम कोर्ट तक जा जाएंगे।

रोहाणी बोले-जांच करा लें
जबलपुर केंट से भाजपा विधायक अशोक रोहाणी ने कहा कि आरोप झूठे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच करा लें, सबकुछ सामने आ जायेगा। कांग्रेस तो आरोप तथ्यहीन हैं।

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10 हजार रिश्वत लेते उपयंत्री गिरफ्तार
डिंडौरी जिले के समनापुर जनपद पंचायत अतरिया क्षेत्र में पदस्थ उपयंत्री राजाराम पटेल को मंगलवार को लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। फरियादी अमर सिंह पिता अमारू सिंह धुर्वे निवासी अतरिया ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी कि उपयंत्री रंगमंच के अंतिम मूल्यांकन के एवज में दस हजार रुपये की मांग कर रहा था, शिकायत पर जाल बिछाकर लोकयुक्त पुलिस ने फरियादी को भेजा। राजाराम पटेल रिश्वत की राशि 10000 रुपए लेते हुए अपने घर में लोकायुक्त पुलिस के हत्थे चढ़ गया।