जबलपुर। बदलते मौसम और दूषित पानी पीने से बीमारों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ा है। उल्टी दस्त से बच्चे परेशान हैं। विक्टोरिया अस्पताल में रोजना ५० बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें से गंभीर बच्चों को इलाज के लिए भर्ती भी किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन की मानें तो बच्चा वार्ड के सभी बेड रोज फुल हो जाते हैं। 
ये मरीज भी आ रहे सामने ........
विक्टोरिया अस्पताल में मेडिसिन विभााग के तीन वार्ड लगातार फुल चल रहे हैं। इसके अलावा जनरल वार्ड में भी मरीजों को भर्ती किया गया है। कई बार तो मरीजों को जमीन पर लिटाने तक की नौबत पड़ जाती है। अस्पताल के चिकित्सकों की मानें तो गर्मी के मौसम में ज्वाइंडिस और टायफाइड के मरीज अधिक सामने आ रहे हैं। 
दूषित पानी का बच्चों पर असर ........
दूषित पानी और अव्यवस्थित खान-पाने के कारण बच्चे उल्टी दस्त का शिकार हो रहे हैं। डॉक्टर संदीप भगत का कहना है कि बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इसके चलते कोई भी संक्रमण बच्चों को आसानी से घेर लेता है। बदल रहे मौसम के दौरान खान-पान में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। लोगों को बासा खाना खाने से परहेज करना चाहिए।  कमजोरी, घबराहट, उल्टी दस्त और डिहाइड्रेशन के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सकों की मानें तो रोजाना १०० से १५० लोग उल्टी दस्त की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।