मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर नागरिकों और विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया है कि वे योग को अपनायें। उन्होंने कहा कि योग से न्याय और धर्म का साथ देने की प्रेरणा मिलती है। दया, करूणा, मैत्री और शांति जैसे मूल्य प्रखर होते हैं। यह अवस्था हर मनुष्य के लिये  अनिवार्य है, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या समुदाय का हो अथवा विश्व के किसी भी कोने में रहता हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग सिर्फ एक दिन का काम नहीं है । इसे दिनचर्या में शामिल करना होगा। उन्होंने कहा कि हर धर्म में योग है । मुख्यमंत्री ने कथा उपनिषद का हवाला देते हुए कहा कि योग को इंन्द्रियों पर नियंत्रण करने की विद्या कहा गया है। श्रीमद्भगवद गीता में योग को दु:ख से वियोग होना कहा गया है। महर्षि पतंजलि ने योग सूत्र में योग को मन के विचलन पर नियंत्रण की विधा बताया है। महर्षि अरविंद ने तो यहाँ तक कहा है कि संपूर्ण मानव जीवन ही एक योग है क्योंकि मनुष्य कई चीजों का जोड़ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग से शांति आती है। शांत मन में उत्पन्न होती है सकारात्मक ऊर्जा। यह ऊर्जा सभी जीवों के लिये कल्याणकारी और हितकारी होती है। उन्होंने कहा कि शांत चित्त वाला मनुष्य कभी गलत निर्णय नहीं ले सकता।