अहमदाबाद | कल यानी 21 जून को पांचवां विश्व योग दिवस गुजरात में उत्साह और उमंग के साथ 50 हजार से ज्यादा स्थलों पर सामूहिक योग क्रिया करके मनाया जाएगा। शिक्षा मंत्री भूपेन्द्रसिंह चूड़ास्मा ने ये जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सक्रिय प्रयासों से 2014 में यू.एन. में भारतीय योग परंपरा को वैश्विक स्वीकृति मिली और वर्ष 2015 से प्रतिवर्ष 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाता है। 
इस वर्ष विश्व योग दिवस महोत्सव की पांचवी कड़ी में गुजरात के 33 जिलों, 8 महानगरों, जिला, तहसील, नगरपालिका मिलाकर 1 करोड़ 51 लाख से ज्यादा नागरिकों को सामूहिक योगाभ्यास में शामिल करने का आयोजन राज्य सरकार ने किया है। शिक्षा मंत्री भूपेन्द्रसिंह चूड़ास्मा और खेलकूद-युवा सांस्कृतिक मामलों के राज्य मंत्री ईश्वरसिंह पटेल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इस वर्ष शाला-कॉलेजों-यूनिवर्सिटियों-पॉलिटेक्निक-इंजीनियरिंग-फार्मेसी और आईटीआई जैसी शैक्षणिक संस्थाओं और जीआईडीसी के उद्योगों एवं स्वैच्छिक संगठनों तथा जनसमुदाय के साथ योगाभ्यास किया जाएगा। व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य एवं तंदरुस्ती को स्फूर्ति से सराबोर रखते हुए योग साधना से हृदय रोग की बीमारियां भी दूर हो सकती है। इस संबंध में जनजागृति के लिए इस वर्ष पांचवें विश्व योग दिवस की थीम योग फॉर हार्ट केयर रखी गई है। भारतीय संस्कृति की प्राचीन धरोहर समान योग को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सफल प्रयासों के चलते वैश्विक स्वीकृति मिली है। इसे अब राज्य के पर्यटन, यात्राधामों एवं ऐतिहासिक महत्व वाले स्थानों के साथ जोड़कर योगाभ्यास को एक नई पहचान देने की पहल गुजरात ने की है। इस संदर्भ में राज्य में विभिन्न ऐतिहासिक, धार्मिक स्थलों एवं विशेष व्यक्तियों के जन्म स्थलों पर भी योग दिवस जनभागीदारी से मनाया जाएगा। मंत्रियों ने कहा कि ऐसे 150 से ज्यादा स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास होगा। मुख्य तौर पर इसमें मोढेरा सूर्य मंदिर, आद्यशक्ति धाम अंबाजी का चाचर चौक, द्वादश ज्योतिर्लिंग के प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ, भगवान कृष्ण की नगरी द्वारका के साथ ही डाकोर, शामलाजी, पावागढ़, सीदी सैयद की जाली, राणकी वाव, सरखेज रोजा, लोथल, पोरबंदर, कीर्ति मंदिर, उदवाड़ा पारसी अगियारी, अमूल डेयरी, महात्मा मंदिर के समीप डांडी कुटीर, अक्षरधाम, तुलसी श्याम, कवि कलापी की जन्मभूमि, बौद्ध गुफाएं एवं सापुतारा जैसे पर्यटन स्थलों पर भी योग अभ्यास 21 जून को सुबह जनसहयोग से करवाया जाएगा। 
विश्व योग दिवस का मुख्य राज्यस्तरीय कार्यक्रम अहमदाबाद के सरदार पटेल स्टेडियम में राज्यपाल ओ.पी. कोहली एवं मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की उपस्थिति में सुबह 6 बजे से 8 बजे के दौरान आयोजित होगा। अहमदाबाद महानगर के विभिन्न स्वैच्छिक संगठन, नागरिक एवं योग प्रेमी इस सामूहिक योगाभ्यास में शामिल होंगे। विश्व योग दिवस के इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का प्रेरणादायी संबोधन होगा। इसका प्रसारण सुबह 6.30 बजे से राज्यभर की विभिन्न तहसीलों, नगरों और जिलों में उस स्थल पर किया जाएगा जहां योग अभ्यास होगा। वीडियो लिंक के मार्फत प्रसारण करने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि सनातन हिन्दू धर्म में भी योग-प्राणायाम साधना का विशेष महत्व है। इसको व्यापक तौर पर मनाने के लिए प्रधानमंत्री की प्रेरणा से इस पांचवें विश्व योग दिवस में विभिन्न धर्म-संप्रदाय के 1000 जितने संत-महंत, धर्मगुरुओं को भी इस सामूहिक योगाभ्यास में सहभागी करने का आयोजन किया गया है। योग-प्राणायाम द्वारा एकाग्रता-एकता और सामूहिकता से शांति, बंधुत्व और समरसता उजागर होती है। इस समरसता-एकता-राष्ट्र की अखंडता के सिद्धांत के साथ इसके प्रतीक सरदार साहब की स्मृति में बनाई गई विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी-केवड़िया में भी साधु-संत-महंत सामूहिक सांध्य योग अभ्यास में शामिल होंगे तथा अनेकता में एकता के मंत्र को साकार करेंगे। 
गत वर्ष 21 जून को चौथे विश्व योग दिवस में 1 करोड़ २५ लाख लोगों ने योगाभ्यास किया था। इस वर्ष 1 करोड़ 51 लाख से ज्यादा लोगों को सामूहिक योग साधना में शामिल करने के लिए प्रशासन ने सुदृढ़ आयोजन किया है। योग लोगों का स्वभाव बने और महत्तम लोग योग साधना में स्वेच्छा से शामिल हों, इस प्रकार के प्रयास सरकार और सहयोगी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे हैं।